कोरोना का कहर जारी है. धूमधाम से मनाए जाने वाले त्योहार भी इस महामारी के कारण फीके पड़ गए हैं. इन सबके बीच कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां भी जोरों पर हैं लेकिन कोरोना का असर कृष्ण की मूर्तियों पर भी दिखाई देने लगा है.
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दरअसल, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में इस बार कृष्ण जन्माष्टमी पर नजारे बदले-बदले से नजर
आ रहे हैं. कृष्ण की मूर्तियां कहीं पीपीई किट और कोरोना कैप पहने हुईं
हैं तो कहीं मास्क, कैप और फेस शील्ड के साथ दिख रही हैं.
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कृष्ण की
मूर्तियों पर कपड़ों के अलावा अलग से लगे सुरक्षा के यह सारे इंतजाम लोगों
को खूब आकर्षित कर रहे हैं. कान्हा की मूर्ति लेने आए भक्तों का कहना है कि
कोरोना से बचाव के लिए संदेश देने का इससे अच्छा और कोई माध्यम नहीं हो
सकता.
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उधर दूसरी ओर दुकानदार गणेश पटेल बताते हैं कि लोगों
को जागरुक करने के लिए उन्होंने भगवान कृष्ण की मूर्ति को पीपीई किट, मास्क,
सर्जिकल कैप, फेस शील्ड और कोरोना कैप से सजाया है. इसका उद्देश्य लोगों तक
एक संदेश पहुंचाना है.
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उनका कहना है कि भगवान की मूर्तियों के जरिए
सामाजिक रूप से संदेश देने का काम वह पहले भी कर चुके हैं. जैसे पहले न्यू
मोटर व्हीकल एक्ट के दौरान उन्होंने मूर्तियों के लिए हेलमेट तैयार कराए
थे तो उसके पहले कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान खेल से संबंधित सामान भी छोटे
आकार में तैयार कराया था.