भारत में सरकारी कर्मचारी अपने दफ्तर कब समय पर आते हैं और कब जाते हैं इसका पता कम ही चलता है. जल्दी निकलने पर कोई कार्रवाई नहीं होती. लेकिन जापान में नियम अलग है. यहां पर सरकारी कर्मचारियों ने दो मिनट पहले दफ्तर छोड़ा तो उनकी सैलरी काट ली गई. जापान की मीडिया के मुताबिक मई 2019 से जनवरी 2021 के बीच 316 बार कर्मचारियों ने ऑफिस दो मिनट पहले छोड़ा. (फोटोःगेटी)
जापान के मीडिया संस्थान द सांकेई न्यूज (The Sankei News) ने खबर प्रकाशित की है कि चीबा प्रांत (Chiba Prefecture) के फुनाबाशी सिटी बोर्ड ऑफ एजुकेशन (Funabashi City Board Of Education) के उन सरकारी कर्मचारियों की सैलरी काटी गई, जिन्होंने ऑफिस दो मिनट पहले छोड़ा था. (फोटोःगेटी)
कई कर्मचारियों ने अपने अटेंडेंस कार्ड में गलत टाइम लिखा था, ताकि वो जल्दी ऑफिस से निकल सकें. ऑफिस से जल्दी निकलने में एजुकेशन बोर्ड के लाइफलॉन्ग लर्निंग डिपार्टमेंट की 59 वर्षीय असिसटेंट सेक्शन चीफ कर्मचारियों की मदद करती थी. सजा के तौर पर उसके तीन महीने की सैलरी में से दसवां हिस्सा काटने का निर्देश दिया गया है. (फोटोःगेटी)
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो एक अन्य महिला को जुर्मान भरने का निर्देश दिया है. क्योंकि वह शाम को 5.17 की बस लेने के लिए अपने ऑफिस से 5.15 पर बाहर निकल जाती थी. जबकि उसका लॉग-आउट टाइम ही 5.17 था. (फोटोःगेटी)
The Funabashi City Board of Education has disciplined a female assistant manager of the Lifelong Learning Department's branch office by reducing her salary by one-tenth (three months) for repeatedly leaving two minutes before the end of the regular https://t.co/937umMMgrx
— DeepL 翻訳を使って何となく翻訳されているアカウント。 (@6rXN9WIuBFrrFUW) March 10, 2021
जापान में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. इससे पहले भी साल 2018 में कोबे प्रांत के जल विभाग के एक सरकारी कर्मचारी को तीन मिनट पहले अपना डेस्क छो़ड़ने के लिए सजा दी गई थी. वह लंच टाइम के लिए तय समय से 3 मिनट पहले अपनी डेस्क छोड़ देता था, ताकि खाना खरीद सके. उसका लंच टाइम दोपहर में 12 से 1 बजे तक होता था. लेकिन वह 11.57 मिनट पर ही डेस्क छोड़ देता था. (फोटोःगेटी)
इसके अलावा दो कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है. जबकि चार के खिलाफ सख्त चेतावनी के साथ नोटिस जारी किया गया है. क्योंकि फुनाबाशी सिटी बोर्ड ऑफ एजुकेशन के कई कर्मचारियों ने मई 2019 से जनवरी 2021 के बीच 316 बार ऑफिस दो मिनट पहले छोड़ा. (फोटोःगेटी)
वहीं, स्पेन में वर्क-लाइफ बैलेंस बनाने के लिए सरकार ज्यादा प्रयास कर रही है. स्पेन की सरकार चाहती है कि वहां के लोग चार दिन काम करें और तीन दिन आराम. अगर ये फॉर्मूला लागू होता है तो स्पेन दुनिया में ऐसा करने वाला पहला देश बन जाएगा. जहां चार दिन का हफ्ता होगा. फिलहाल इसका ट्रायल कुछ कंपनियां कर रही हैं. (फोटोःगेटी)