बृहस्पति ग्रह पर इस समय एकसाथ कई तूफान आए हैं. इनमें से कुछ इतने बड़े हैं कि पूरी धरती को अपने अंदर समा लें. 25 अगस्त 2020 को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के हबल स्पेस टेलिस्कोप ने बृहस्पति ग्रह की तस्वीर ली. इसमें ये तूफान दिखाई दे रहे हैं. सफेद, नारंगी, लाल, नीली और भूरे रंग की दिखाई दे रही लहरें ही बृहस्पति ग्रह पर एक साथ चल रहे कई तूफानों को दिखाती हैं. (फोटोः Jupiter Storm/NASA Hubble Telescope)
हबल टेलिस्कोप (Hubble Telescope) द्वारा ली गई बृहस्पति ग्रह (Jupiter) की इन तस्वीरों में कई सारी लहरें दिखाई दे रही हैं. इन लहरों को ही बृहस्पति ग्रह का तूफान कहा जाता है. बृहस्पति ग्रह पर इस समय आए हुए तूफानों की गति 560 किलोमीटर प्रतिघंटा है. 25 अगस्त से पहले 18 तारीख को भी बृहस्पति पर दो बड़े तूफान आए थे. पहले लग रहा था कि ये अलग-अलग गति से चल रहे हैं लेकिन बाद में पता चला कि दोनों एकसाथ आगे बढ़ रहे थे. (फोटोः Jupiter Storm/NASA Hubble Telescope)
आपको बतां दे हर छह साल पर बृहस्पति ग्रह पर ऐसे कई तूफान एकसाथ आते हैं. आमतौर पर छोटे-मोटे इक्का-दुक्का तूफान ही आते हैं. इनकी गति कम ज्यादा हो सकती है. लेकिन इस बार कई सारे तूफान एक साथ आए हैं. सफेद, नारंगी, लाल, नीली और भूरे रंग की लहरें अलग-अलग गैसों से बने तूफानों को दिखा रही हैं. (फोटोः Jupiter Storm/NASA Hubble Telescope)
ये तूफान बीच में गोलाकार आकृति बना लेते हैं. इनके आगे-पीछे लहरों की एक लंबी पूंछ होती है. जब इन तूफानों में अंतर देखने के लिए हबल टेलिस्कोप ने अल्ट्रावॉयलेट, विजिबल और नीयर इंफ्रारेड लाइट कैमरे से अलग-अलग तस्वीरें लीं. जब इन तस्वीरों को जोड़ा गया तो सामने आई फोटो में एकसाथ कई भयावह तूफान देखने को मिले. (फोटोः Jupiter Storm/NASA Hubble Telescope)
आपको बतां दे बृहस्पति ग्रह पर अक्सर आप लोगों ने एक बड़ा लाल रंग का गोलाकार धब्बा देखा होगा. ये धब्बा धरती से कई गुना बड़ा है. इस समय यह गोलाकार आकृति ज्यादा लाल रंग की हो गई है. इसका आकार भी थोड़ा बढ़ गया है. इससे नासा (NASA) के वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि इस लाल घेरे में भी बड़ा तूफान आया हुआ है. (फोटोः Jupiter Storm/NASA Hubble Telescope)
जिस लाल बड़े धब्बे की बात हम कर रहे हैं वह 9800 मील व्यास का है यानी 15771 किलोमीटर. इस धब्बे को साइंटिस्ट ग्रेट रेड स्पॉट के नाम से बुलाते हैं. इसके ठीक नीचे एक और एक धब्बा है, जो पूरा लाल नहीं है. यह रंग बदलता रहता है लेकिन इसे साइंटिस्ट रेड स्पॉट जूनियर के नाम से बुलाते हैं. (फोटोः Jupiter Storm/NASA Hubble Telescope)
नासा के साइंटिस्ट ने एक बात का विश्लेषण किया है कि 1930 से लेकर अब तक बृहस्पति ग्रह पर आने वाले तूफानों के आकार में पहले की तुलना में कमी आई है. हालांकि तूफानों के आकार में होने वाले इन बदलावों को अभी तक दुनियाभर के वैज्ञानिक समझ नहीं पाए हैं. यह पहेली अभी तक सुलझी नहीं है. (फोटोः Jupiter Storm/NASA Hubble Telescope)