पाकिस्तान के चिड़ियाघर में एक हाथी को छोटी सी जगह पर बदतर हालात में 35 साल से अकेले ही बंद करके रखा गया था. एक्टिविस्ट की लंबी कोशिश के बाद अब इस हाथी को आजादी मिलने जा रही है. इसे दुनिया का सबसे अकेला हाथी भी कहा जा रहा है. इस हाथी का नाम कावन है.
जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक्टिविस्ट की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही थी हाथी को बेहतर स्थिति में रखा जाए. जानवरों के मुद्दे पर काम करने वाली संस्था Four Paws के प्रवक्ता ने बताया कि हाथी को ट्रैवल के लिए मेडिकल अप्रूवल मिल गया है.
अब इस हाथी को कंबोडिया ले जाया जाएगा जहां वह अन्य हाथी के साथ बेहतर स्थिति में रहेगा. इससे पहले पाकिस्तान के चिड़ियाघर में हाथी की स्वास्थ्य जांच की गई थी. कावन हाथी की मदद के लिए दुनियाभर के एनिमल एक्टिविस्ट सामने आए थे.
मई में हाईकोर्ट ने Marghazar चिड़ियाघर को बंद करने का आदेश दिया था. इसके बाद चिड़ियाघर से जानवरों को अन्य जगहों पर ले जाने के लिए इस्लामाबाद वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट बोर्ड ने Four Paws संस्था को आमंत्रित किया था.