scorecardresearch
 
Advertisement
ट्रेंडिंग

मंगोलिया में गिलहरी और चूहों की वजह से फैली ये खतरनाक बीमारी, 3 की मौत

Bubonic Plague in Mongolia
  • 1/10

कोरोना वायरस से जूझ रही दुनिया के लिए एक और बुरी खबर है. मंगोलिया में एक 38 वर्षीय युवक की मौत एक ऐसे बैक्टीरिया से हो गई है, जो बेहद खतरनाक है. यह बैक्टीरिया इस इलाके में गिलहरी और चूहों की वजह से फैला है. मंगोलिया में जुलाई से अब तक इस बीमारी की वजह से 3 लोगों की मौत हो चुकी है. 

Bubonic Plague in Mongolia
  • 2/10

इस बीमारी ने पहले भी पूरी दुनिया में लाखों लोगों को मारा है. इस जानलेवा बीमारी का दुनिया में तीन बार हमला हो चुका है. पहली बार इसने 5 करोड़, दूसरी बार पूरे यूरोप की एक तिहाई आबादी और तीसरी बार 80 हजार लोगों की जान ली थी. अब एक बार फिर ये बीमारी चीन, मंगोलिया और आसपास के देशों में पनप रही है. कुछ महीने पहले अमेरिका में इसका एक केस सामने आया था. 

Bubonic Plague in Mongolia
  • 3/10

इस बीमारी का नाम है ब्यूबोनिक प्लेग (Bubonic Plague). इस बीमारी की वजह से मंगोलिया के खोव्सगोल प्रांत में 38 वर्षीय शख्स कुछ दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था. अस्पताल में उसे रेस्पिरेटर पर रखा गया था. लेकिन वह सांस लेने की दिक्कत और कार्डियोवस्कुलर समस्याओं की वजह से मारा गया. 

Advertisement
Bubonic Plague in Mongolia
  • 4/10

इसके बाद तत्काल इस आदमी के संपर्क में आए 25 लोगों की जांच की गई. हालांकि उनमें किसी प्रकार के संक्रमण के सबूत नहीं मिले. मंगोलिया में इससे पहले दो और मौतें ब्यूबोनिक प्लेग की वजह से हो चुकी हैं. पहली जुलाई में गोवि-अल्ताई प्रांत में 15 साल के बच्चे की. दूसरी खोद प्रांत में अगस्त महीने में 42 साल के शख्स की. 

Bubonic Plague in Mongolia
  • 5/10

नेशनल सेंटर फॉर कम्यूनिकेबल डिजीसेस ने कहा है कि मंगोलिया के 21 प्रांतों में से 17 प्रांतों में ब्यूबोनिक प्लेग का खतरा है. ब्यूबोनिक प्लेग के इस साल अब तक 18 संदिग्ध केस रिपोर्ट हुए हैं. जबकि, तीन लोगों की मौत हो चुकी है. चीन में दो लोगों की मौत ब्यूबोनिक प्लेग की वजह से हुई है.

Bubonic Plague in Mongolia
  • 6/10

रूस ने मंगोलिया और चीन में फैल रहे ब्यूबोनिक प्लेग के खतरे को देखते हुए अपने सीमाई इलाकों में रह रहे हजारों लोगों का टीकाकरण कर दिया है. ये इलाके सर्बिया के तुवा और अल्ताई प्रांत में आते हैं. 60 साल में पहली बार रूस के अल्ताई पहाड़ों पर स्थित यूकोक प्लैट्यू में ब्यूबोनिक प्लेग का एक केस सामने आया था. 

Bubonic Plague in Mongolia
  • 7/10

ब्यूबोनिक प्लेग (Bubonic Plague) मरमेट यानी जंगली चूहों या गिलहरियों में पाए जाने वाले बैक्टीरिया से होता है. इस बैक्टीरिया का नाम है यर्सिनिया पेस्टिस बैक्टीरियम (Yersinia Pestis Bacterium). यह बैक्टीरिया शरीर के लिंफ नोड्स, खून और फेफड़ों पर हमला करता है. इससे उंगलियां काली पड़कर सड़ने लगती है. नाक के साथ भी ऐसा ही होता है. 

Bubonic Plague in Mongolia
  • 8/10

ब्यूबोनिक प्लेग को गिल्टीवाला प्लेग भी कहते हैं. इसमें शरीर में असहनीय दर्द, तेज बुखार होता है. नाड़ी तेज चलने लगती है. दो-तीन दिन में गिल्टियां निकलने लगती हैं. 14 दिन में ये गिल्टियां पक जाती हैं. इसके बाद शरीर में जो दर्द होता है वो अंतहीन होता है. 

Bubonic Plague in Mongolia
  • 9/10

दुनिया भर में ब्यूबोनिक प्लेग के 2010 से 2015 के बीच करीब 3248 मामले सामने आ चुके हैं. जिनमें से 584 लोगों की मौत हो चुकी है. ब्यूबोनिक प्लेग को ही 6ठीं और 8वीं सदी में प्लेग ऑफ जस्टिनियन (Plague Of Justinian) नाम दिया गया था. इस बीमारी ने उस समय पूरी दुनिया में करीब 2.5 से 5 करोड़ लोगों की जान ली थी. 

Advertisement
Bubonic Plague in Mongolia
  • 10/10

ब्यूबोनिक प्लेग का दूसरा हमला दुनिया पर 1347 में हुआ. तब इसे नाम दिया गया था ब्लैक डेथ (Black Death). इस दौरान इसने यूरोप की एक तिहाई आबादी को खत्म कर दिया था. ब्यूबोनिक प्लेग का तीसरा हमला दुनिया पर 1894 के आसपास हुआ था. तब इसने 80 हजार लोगों को मारा था. इसका ज्यादातर असर हॉन्गकॉन्ग के आसपास देखने को मिला था. भारत में 1994 में पांच राज्यों में ब्यूबोनिक प्लेग के करीब 700 केस सामने आए थे. इनमें से 52 लोगों की मौत हुई थी. 

Advertisement
Advertisement