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SBI का बैंकर जिसकी जमा पूंजी है 'माचिस' और 'मुगलकालीन सिक्के'

SBI का बैंकर जिसकी जमा पूंजी है 'माचिस' और 'मुगलकालीन सिक्के'
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शौक बड़ी चीज है, जी हां... रांची के एक बैंकर का बड़ा ही अजीबो-गरीब शौक है. जिस माचिस की डिब्बी को लोग फेंक देते हैं, वो उसे चुन-चुन कर अपने पास जमा करते हैं.  डॉ विभूति भूषण राय पिछले 41 सालों से माचिस की डिब्बी इकट्ठा कर रहे हैं. उनके पास अब तक 20 देशों की माचिस की डिब्बी का कलेक्शन है. इसके अलावा डॉ विभूति भूषण पुराने सिक्के और अलग-अलग देशों के नोटों को भी संग्रह करके रखते हैं.

(Photo Aajtak)
SBI का बैंकर जिसकी जमा पूंजी है 'माचिस' और 'मुगलकालीन सिक्के'
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रांची के रहने वाले डॉक्टर विभूति भूषण राय भारतीय स्टेट बैंक के एचईसी सेक्टर- 2 में काम करते हैं. माचिस की डिब्बियों को इकट्ठा करके रखना उनका बचपन से ही शौक रहा है. उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों और प्रदेशों से मैच बॉक्स का संग्रह तैयार किया है. इसके लिए उन्होंने अपने दोस्तों की मदद ली. विभूति जहां भी जाते माचिस की डिब्बी को खरीद कर अपने पास रख लेते.

(Photo Aajtak)
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यूरोपीय देशों के साथ-साथ साउथ अफ्रीका, अमेरिकन देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, चीन, दुबई जैसे देशों के मैच बॉक्स इनके पास मिल जाएंगे. देश की आजादी के बाद तमाम माचिस की डिब्बियों का कलेक्शन इनके पास आपको देखने को मिल जाएगा. इन कलेक्शन में 71 साल पुराने माचिस के बॉक्स भी शामिल हैं.

(Photo Aajtak)
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डॉक्टर विभूति भूषण राय को माचिस की डिब्बी ही नहीं बल्कि अलग-अलग देशों की करेंसी और पुराने सिक्कों का संग्रह करने का भी शौक है. इनके पास 50 देशों के नोट भी देखने को मिल जाएंगे. गजनी सुल्तान, फिरोजशाह तुगलक, मुगल साम्राज्य के सिक्कों के साथ-साथ ब्रिटिश एनी सोने का सिक्का भी इनके पास है. विभूति भूषण राय के पिताजी कुछ पुराने जमाने के  सिक्कों को छोड़ कर गए थे. उसी समय से इन्होंने सिक्कों का संग्रह करना शुरू किया.
(Photo Aajtak)
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विभूति भूषण राय के इस शौक पर उनकी बेटियों का कहना है कि हमें अपने पापा पर गर्व होता है और हम लोगों को भी सामान एकत्र करने में काफी मजा आता है.  हमने अपने पिता से बहुत कुछ सीखा है, पुरानी चीजें देखने को मिलती हैं. डॉक्टर विभूति भूषण राय की दो बेटियां हैं, वो भी कहीं जाती है, तो पिताजी के लिए मैच बॉक्स जैसा कुछ यूनिक सामान  लेकर आती हैं.

(Photo Aajtak)
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