ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी क्वींसलैंड के एक प्राइमरी स्कूल के प्लेग्राउंड में आकाश से उल्कापिंड आकर गिरा. आसपास के इलाके में ये खबर आग की तरह फैल गई. प्लेग्राउंड पर उल्कापिंड की वजह से घास उखड़ गई थी. इसके घिसने की वजह से गड्ढा हो गया था. धुआं निकल रहा था. लेकिन जब इस बात का खुलासा हुआ कि ये क्या है तो नासा के वैज्ञानिकों के साथ-साथ कई लोग हैरान रह गए? (फोटोःऑस्ट्रेलिया क्रैश इन्वेस्टिगेशन)
उत्तरी क्वींसलैंड के मालंडा स्टेट स्कूल के प्रिंसिपल मार्क एलेन ने बताया कि इस घटना को लेकर हमारे पास दुनिया भर से सवाल पूछे जा रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया में उल्कापिंड गिरने की खबर सुनकर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक्सपर्ट उसकी जांच करने स्कूल तक पहुंच गए. वहां मौके पर घेराबंदी की गई थी. पुलिस खड़ी थी. (फोटोःऑस्ट्रेलिया क्रैश इन्वेस्टिगेशन)
डेली मेल वेबसाइट की खबर के अनुसार जब नासा के साइंटिस्ट ने स्कूल के प्रिंसिपल, टीचर्स से पूछताछ कि और उस उल्कापिंड की जांच को तो वो हैरान रह गए. मार्क एलेन ने नासा के साइंटिस्ट को बताया कि यह अंतरिक्ष से आया हुआ उल्कापिंड नहीं है. बल्कि यह स्कूल असाइनमेंट का हिस्सा है. हमने बच्चों को उल्कापिंड के बारे में जानकारी देने के लिए ऐसा किया है. (फोटोः ARSE)
मार्क एलेन ने बताया कि बच्चों को उल्कापिंडों की लैंडिंग पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया था. उनसे ये भी कहा गया था कि आपको इसमें चश्मदीद लोगों से बातें करनी है. पुलिस और प्रशासन की सक्रियता भी रिपोर्ट में डालनी है. हमने इसलिए ये उल्कापिंड को प्लेग्राउंड में बनाया. यह चारकोल से बना एक गर्म गोला है. (फोटोः ARSE)
बच्चों को उल्कापिंड के बारे में सिखाने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने भी मदद की. सारी घटना ऐसे रची गई जैसे सच में कोई उल्कापिंड अंतरिक्ष से आकर स्कूल में गिरा हो. फिर एक स्थानीय नागरिक डेनियल मॉस के हाथों बच्चों को उल्कापिंड की जानकारी दिलाई गई. हुआ यू कि इस प्रोजेक्ट के बारे में सोशल मीडिया पर बिना किसी को बताए ये पोस्ट किया गया कि यहां एक उल्कापिंड गिरा है. (फोटोः ARSE)
सोशल मीडिया पर आई तस्वीर को देखकर नासा के साइंटिस्ट भी वहां पहुंच गए लेकिन जब मामले का खुलासा हुआ तो वो नाराज भी दिखे और हैरान भी. क्योंकि उल्कापिंड की लैंडिंग एकदम असली दिख रही थी. इस छोटे से कस्बे के इस स्कूल प्रोजेक्ट को पूरी दुनिया के लोग इस तरह से देखेंगे इसका किसी को अनुमान नहीं था. (फोटोः ARSE)