वैज्ञानिक युग में अभी भी लोग भूत प्रेत में यकीन रखते हैं. अंधविश्वास का ऐसा ही जीता-जागता उदाहरण देखने को मिला जहां भूत प्रेत से छुटकारा पाने के लिए सैकड़ों महिलाएं एकत्र हो गईं और फिर भूत प्रेत के नाम पर नाटक प्रारंभ हो गया. पुलिस को जब इसकी सूचना प्राप्त हुई तो महिला पुलिस के सहयोग से भूत प्रेत के नाम पर कथित महिलाओं को समझा-बुझाकर घर भेज दिया गया.
दरअसल, भूत प्रेत के नाम पर आदिवासी क्षेत्र में आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहते हैं. ये मामला मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में मोरवा थाना अंतर्गत क्षेत्र के काठास गांव का है. जहां अंधविश्वास का अनोखा नाटक देखने को मिला. जानकारी के मुताबिक, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से आई हुई एक महिला पानमती ने गांव में दावा किया कि जिन महिलाओं के ऊपर भूत-प्रेत की बाधा है वह उसे दूर कर देगी.
उसके दावे की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई. फिर क्या था. काठास गांव में आसपास के गांव की सैकड़ों महिलाएं जमा हो गईं और फिर शुरू हो गया भूत प्रेत भगाने का नाटक. इतना ही नहीं, भूत प्रेत भगाने का दावा करने वाली पानमती कई महिलाओं को उनके पति के अवैध प्रेम संबंधों के बारे में भी जानकारी देने लगी. इसके बाद पति-पत्नी में विवाद शुरू हो गया.
जब इसकी जानकारी पुलिस को मिली. तो दल बल के साथ पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को देखकर तांत्रिक पानमती महिलाओं का अंधविश्वास देखते हुए खुद के ऊपर भूत प्रेत का साया होने का दावा करने लगी. अजीब-अजीब हरकत करने लगी इसके साथ ही अजीब आवाजें निकालने लगी. लेकिन अंधविश्वास का ये खेल बहुत देर तक नहीं चला. तांत्रिक पानमती को पुलिस साथ ले आई. तब जाकर कहीं मामला शांत हुआ.
एडिशनल एसपी अनिल सोनकर का कहना है कि आए दिन ऐसे मामले देखने को मिलते हैं, जहां भूत-प्रेत के नाम पर नाटक किया जाता है और भोले-भाले लोगों को गुमराह किया जाता है. पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर ने बताया कि काठास गांव आदिवासी बहुल क्षेत्र है. पहाड़ क्षेत्र में कुछ आदिवासी महिला झाड़-फूंक का कार्य कर रही थीं. उसमें काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे. झाड़-फूंक भूत प्रेत के नाम पर कुछ ऐसी सी चीजें होने लगीं जिनसे वाद-विवाद होने लगा. इसकी सूचना जब पुलिस को मिली तो पुलिस तुरंत वहां पहुंची. सब महिलाओं को समझाया झाड़-फूंक गलत है. अंधविश्वास का खेल है. वैज्ञानिक युग में यह सही नहीं है. समझा-बुझाकर सभी को अलग किया गया और घर भेज दिया गया.