चमगादड़ों से पूरी दुनिया खौफ खाती है. पिछले एक साल से तो इस जीव का नाम सुनते ही लोग कोरोना वायरस से डर जाते हैं. लेकिन सारे चमगादड़ ऐसे नहीं होते. हाल ही में पश्चिमी अफ्रीका में नारंगी और काले रंग के चमगादड़ों की नई प्रजाति का पता चला है. इसका खुलासा म्यूजियम एंड बैट कंजरवेशन इंटरनेशनल के साइंटिस्ट्स ने किया है. (फोटोःगेटी)
पश्चिम अफ्रीका के सब-सहारन इलाके में स्थित हैं निम्बा पहाड़ (Nimba Mountains). इन्हें स्काई आइलैंड्स (Sky Islands) भी कहते हैं. इन्हीं पहाड़ों पर ये नारंगी और काले रंग के अद्भुत चमगादड़ मिले हैं. जबकि इनके आसपास कई सामान्य चमगादड़ भी रहते हैं. चमगादड़ों की इस नई प्रजाति को म्योटिस निम्बाएनसिस (Myotis Nimbaensis) नाम दिया गया है. इसकी रिपोर्ट अमेरिकन म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री में प्रकाशित हुई है. (इलस्ट्रेशनः अमेरिकन म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री)
बैट कंजरवेशन इंटरनेशनल के चीफ साइंटिस्ट विनिफ्रेड फ्रिक ने कहा कि जब दुनिया में विभिन्न प्रकार के जीवों की प्रजातियां खत्म हो रही हों, ऐसे में किसी जीव की नई प्रजाति मिलना एक खुशखबरी है. इस चमगादड़ के फर नारंगी रंग के हैं जबकि निचला हिस्सा काले रंग का है. इसके पहले ऐसे चमगादड़ों को दुनिया में कहीं और नहीं देखा गया. (फोटोःगेटी)
इन पहाड़ों की गुफाओं में पहले खनन का काम होता था. इसलिए विनिफ्रेड और उनकी टीम ने स्थानीय माइनिंग कंपनी एसएमएफजी की मदद ली. इस कंपनी के लोग इन गुफाओं में आने और जाने का रास्ता जानते हैं. क्योंकि इन गुफाओं के अंदर कई छिपी हुई सुरंगें भी हैं. इसलिए साइंटिस्ट के साथ लोकल माइनिंग एक्सपर्ट भी गए थे. (फोटोःगेटी)
इन गुफाओं में आमतौर पर चमगादड़ों के एक खास प्रजाति रहती आई है. इस प्रजाति को हिप्पोसिडेरोस लोमोट्टेई कहते हैं यानी लामोट्टे राउंडलीफ बैट. इन चमगादड़ों की प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर है. साल 2018 में इनके जैसे और चमगादड़ दिखाई दिए. इसके बाद इस नए चमगादड़ की रिपोर्ट अमेरिकन म्यूजिम नोविटेट्स में प्रकाशित हुई. (फोटोःगेटी)
इसके बाद इस चमगादड़ के बारे में ज्यादा फैक्ट्स जुटाए गए. जांच करने के बाद स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री और ब्रिटिश म्यूजियम के साइंटिस्ट्स ने दावा किया है कि नारंगी-काले रंग का यह म्योटिस निम्बाएनसिस (Myotis Nimbaensis) चमगादड़ भी खतरे में है. इसकी प्रजाति को भी संरक्षण की जरूरत है. (फोटोःगेटी)
माइनिंग कंपनी एसएमएफजी इन अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम्स और स्थानीय वैज्ञानिकों के साथ मिलकर अब इन चमगादड़ों की प्रजाति को बचाने की व्यवस्था में लग गई है. म्योटिस निम्बाएनसिस (Myotis Nimbaensis) और लामोट्टे राउंडलीफ बैट (Lamotte’s roundleaf bat) की प्रजाति को संरक्षित करने के लिए सारे उपाय किए जा रहे हैं. (फोटोःगेटी)