रमजान का पाक महीना शुरू हो चुका है और दुनिया भर के मुस्लिम लोग इन दिनों रोजा रखते हैं और शाम को इफ्तार करते हैं, लेकिन इस पवित्र महीने में भी लेबनाना में शरण लेने वाले सीरिया के लोगों के लिए रोजा रखना भी कठिन साबित हो रहा है. ( सभी तस्वीर - AP)
लेबनान में आर्थिक बदहाली के बीच हालात इतने बदतर हैं कि लोगों को इफ्तार के लिए भोजन और मिठाई तक नहीं मिला पा रहा है. सीरिया के शरणार्थी विस्थापित के रूप में लेबनान के आर्थिक संकट के बीच फंसे हुए हैं. रोजा रखने के बाद जहां शाम को उत्सव के तौर इफ्तार की जाती है और रोजा खोला जाता है वहां इसके लिए भी लेबनान में ऐसे लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है.
न्यूज एजेंसी एपी को ऐसे ही एक ऐसी ही लाचार महिला अल आबेद ने कहा, यह एक बहुत मुश्किल रमजान है, जहां इस दौरान बेहतर भोजन मिलना चाहिए वहीं उसके बाद हमें कुछ नहीं मिलता. पूरे दिन के उपवास के बाद शरीर को अधिक पोषण की आवश्यकता होती है. मैंने हार मान ली है”
अल-आबेद के 24 वर्षीय पति राएड मटर ने कहा, खाने-पीने के सामानों की "ऊंची कीमतें लोगों को मार रही हैं," हम पूरे दिन उपवास करते हैं और फिर केवल एक प्याज खाकर अपना रोजा खोलते हैं" .