धरती के अंदर और बाहर होने वाले चुंबकीय क्षेत्र के बदलाव से आम आदमी के जीवन में फर्क नहीं पड़ता. पर जो भी वैज्ञानिक तकनीक ध्रुवों और चुंबकीय क्षेत्र को आधार मानकर चलती हैं उनपर असर पड़ता है. जैसे - जीपीएस, एयर ट्रैफिक, सैटेलाइट्स का मूवमेंट, मोबाइल फोन कनेक्टिविटी, रेडियो सिग्नल, रक्षा संचार प्रणाली आदि. (फोटोः विकिपीडिया)