इस समय बॉलीवुड और ड्रग्स को लेकर काफी खबरें आ रही हैं. चर्चा में एक्टर सुशांत सिंह का केस है. अवैध ड्रग्स का व्यवसाय बहुत पुराना है. कई ड्रग माफिया पूरी दुनिया में अपना बिजनेस आज भी चलाते हैं लेकिन आज हम आपको ऐसे ड्रग माफिया की कहानी बताएंगे जिसने कई सालों तक पूरी दुनिया को ड्रग्स की सप्लाई की. इतना ही नहीं उसने बिजनेस में दिक्कत करने वाले करीब 15 हजार लोगों को मारा था या उनकी मौत का जिम्मेदार था.
इस ड्रग माफिया का नाम है पाब्लो एमिलियो एस्कोबार गैविरिया (Pablo Emilio Escobar Gaviria). लोग इसे पाब्लो एस्कोबार के नाम से जानते थे. यह पूरी दुनिया में किंग ऑफ कोकेन (King Of Cocaine) के नाम से कुख्यात था. कुछ साल पहले अमेरिका के ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन के एजेंट रहे स्टीव मर्फी ने एक इंटरव्यू में कहा है कि पाब्लो के पास दुनियाभर का पैसा था. दूसरे तस्कर भी उसे पैसे देते थे. इतना ही नहीं पाब्लो को मारने के लिए दुश्मनों ने 16 अरब रुपये खर्च कर दिए थे. ये दावा उसकी पत्नी ने एक इंटरव्यू में किया था.
पाब्लो एस्कोबार को 44 साल की उम्र में 2 दिसंबर 1993 को मार गिराया गया था. लेकिन मौत के पहले उसने पुलिस और सैनिकों को खूब छकाया था. भीषण आतंक मचाया था. कार उड़ाना या किसी बड़े नेता की जान लेना उसके लिए मामूली बात हो गई थी, उसने पैसेंजर से भरी फ्लाइट तक को उड़वा दिया था. उसका सपना कोलंबिया का राष्ट्रपति बनने का भी था.
पाब्लो 1970 के दशक में कोकेन के अवैध कारोबार में आया था और अन्य माफिया के साथ मिलकर मेडेलिन कार्टेल बनाया था. पाब्लो की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने सरकार पर दबाव बनाकर अपने लिए खास जेल खुद ही तैयार कराई थी. उसने शर्त रखी थी कि जेल के कुछ किलोमीटर तक पुलिस नहीं आ सकती है. कहते हैं कि पाब्लो के पास 6500 वर्ग फीट का बंगला अमेरिका में था. यह फ्लोरिडा के मियामी बीच पर स्थित था.
अमेरिकी एजेंट मर्फी ने कहा है कि उसकी जेल कम, क्लब ज्यादा था. अगर वह वहां बैठकर सिर्फ अपने पैसे गिनता तो वह बच सकता था. लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. एजेंटी मर्फी से इन्सपायर होकर ही पाब्लो के ऊपर नार्को नाम से टीवी सीरीज बनाई गई है. मर्फी ने कहा है कि जो हिंसा टीवी सीरीज में दिखाई गई है, उसकी तुलना में असल में पाब्लो के द्वारा की गई हिंसा अधिक खौफनाक थी. यह भी कहा जाता है कि पाब्लो के पास 800 से ज्यादा मकान थे. उसने कैरिबियन में आइला ग्रांदे नाम का कोरल द्वीप खरीद लिया था. जो वहां मौजूद 27 कोरल द्वीपों में सबसे बड़ा था. यह कार्टाजेना से 35 किलोमीटर दूर समुद्र में था.
पाब्लो आसानी से जज, नेता, पत्रकार और विरोधी माफिया को मरवा देता था. कहा जाता है कि एक वक्त में अमेरिका में सप्लाई होने वाले कोकीन के 80 फीसदी हिस्से पर पाब्लो का कंट्रोल था. कोकेन से उसकी कमाई इतनी अधिक थी कि फोर्ब्स मैगजीन ने उसे दुनिया के 10 सबसे धनवान लोगों में शामिल किया था. पाब्लो के पास अपना चिड़ियाघर था. इसमें हाथी, दुर्लभ पक्षी, जिराफ, दरियाई घोड़ा आदि रहते थे. कैरिबियन द्वीप पर उसने जो मकान बनाया था वह अपने आप में किले जैसा था. इसमें बड़ा स्वीमिंग पूल था. हेलिकॉप्टर लैंडिंग पैड था. खिड़कियां बुलेटप्रूफ थीं.
वह सरकार से लेकर पुलिस महकमों और सेना में लोगों को अपनी तरफ करने के लिए मोटा पैसा देता था. चैरिटी प्रोजेक्ट और सॉकर क्लब के जरिए वह काफी पॉपुलर भी हो गया था. अपराध की दुनिया में पाब्लो को डॉन पाब्लो, सर पॉब्लो, एल पड्रिनो (द गॉडफाडर) और एल पैट्रोन (द बॉस) के नाम से भी जाना जाता था.
1993 में जब वह मारा गया और पुलिस ने उसकी संपत्ति का आंकलन किया तो पता चला कि उसकी कीमत 30 बिलियन डॉलर्स थी यानी 2.19 लाख करोड़ रुपये. जो आज के हिसाब से करीब 4.31 लाख करोड़ रुपये बनती है. इतना पैसा कि वह किसी भी छोटे देश की सरकार चला सकता था. उसके पास महंगी गाड़ियां, घड़ियां, मकान, पार्क, यहां तक की अपना खुद का द्वीप था, जिसे वह किले की तरह सुरक्षित रखता था. कहते हैं कि इसके पास इतना पैसा था कि उसे चूहे कुतर देते थे. कई बार तो रुपयों के गड्डियों को दीमक चाट जाते थे.
उसके परिवार में पत्नी मारिया विक्टोरिया हेनाओ, बेटा सेबास्टियन मारोक्वीन और बेटी मैनुएला एस्कोबार थी. एस्कोबार के ऊपर दुनियाभर में अवैध ड्रग तस्करी, हत्या, बमबारी, रिश्वत देने, रैकेट चलाने और सामूहिक हत्याकांड के केस चल रहे थे. पाब्लो के हिटमैन जॉन जायरो वेलाजेक्वेज उर्फ़ पोपये ने उसके कहने पर 300 लोगों की हत्या की थी. पोपये लोगों की खाल कुल्हाड़ी से उतार लेता था. शवों को ट्रकों के टायरों में भर देता था.