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बार-बार हैंड वॉश इस्तेमाल करना भी खतरनाक, बच्चों की त्वचा हो रही खराब

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कोरोना ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है और संक्रमण को रोकने के लिए कई देशों के स्कूलों में सख्त नियम अपनाए गए हैं. लेकिन अब इन नियमों की वजह से बच्चों की समस्या बढ़ती जा रही है. दरअसल ब्रिटेन में कोरोना को नियंत्रित करने के लिए बच्चों को स्कूल में बार बार हैंडवॉश करवाया जा रहा है जिससे उनकी त्वचा को नुकसान पहुंच रहा है. इस पर बच्चों के माता-पिता ने स्कूल के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया और बच्चों पर इस तरह के नियम नहीं थोपने की अपील की.

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ब्रिटेन में कुछ माता-पिता शिक्षकों से आग्रह कर रहे हैं कि वे कठोर नियमों को सरल बनाए क्योंकि उनके बच्चों को पीड़ा हो रही है और वो रोते हुए घर आ रहे हैं. दरअसल माता-पिता का आरोप है कि बार-बार हैंडवॉश की वजह से उनकी त्वचा को नुकसान पहुंच रहा है. त्वचा पर लाल निशान के साथ ही उन्हें दर्द भी हो रहा जिस वजह से वो स्कूल से रोते हुए घर पहुंचते हैं.
 

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ऐसे ही एक स्कूली बच्ची की मां ने वहां कहा, यह वास्तव में साबुन को दोष देने के लिए हम नहीं कह रहे हैं लेकिन अत्यधिक हैंड वॉश (हाथ धोने) से विद्यार्थियों को दिक्कत हो रही है और उनका स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है. द सन की रिपोर्ट के मुताबिक उसने अपने बच्चों से कहा है कि वे स्कूल के नियमों की अनदेखी करें और बार-बार हाथ ना धोएं.

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वहां एक माता-पिता ने दावा किया कि उन्होंने कई ऐसे अभिभावकों की कतार देखी थी जो अपने बच्चों की स्किन संबंधी बीमारी की वजह से अपने बच्चों को स्कूल जाने से रोक रहे हैं. स्कूली बच्चों की खराब होती त्वचा को लेकर वहां एक खुलासा हुआ कि उन्हें  स्टेरॉइड क्रीम दी गई थी जिसको लगाने के बाद त्वचा पर और ज्यादा लाल निशान और "छोटे-छोटे कट" लग गए और उसमें जलन होने लगी. एक महिला ने कहा, "मुझे लगता है कि यह चौंकाने वाला है कि गरीब बच्चों को इस तरह इनके हाथों में छोड़ा जा रहा है."

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एक अन्य बच्चे की मां ने कहा: "मेरी बेटी की त्वचा वैसे भी संवेदनशील है, लेकिन लंच से पहले 9-10 बार अपने हाथों को धोना, भोजन के बीच, शौचालय के बाद, जब वे स्कूल जाते हैं और स्कूल छोड़ते हैं तब हाथ धोना, अब बस बहुत हो गया. ये बर्दाश्त नहीं कर सकती क्योंकि मेरे बेटे को इससे तकलीफ हो रही है.

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