मणिपुर राज्य में स्थित लोकटक झील देश के पूर्वोत्तर हिस्से की ताजे पानी की सबसे बड़ी झील है. खास बात ये भी है कि इस झील में दुनिया का इकलौता तैरता हुआ नेशनल पार्क है. इस बार यहां रिकॉर्ड मतदान को देखते हुए चुनाव आयोग ने 11 नवंबर को इस इलाके में पोलिंग बूथ बनाने के लिए मंजूरी दे दी है. मणिपुर के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी रामानंद नोंग्मीकापम ने कहा कि विस्तृत जांच के बाद ये निर्णय लिया गया.
मणिपुर की राजधानी इम्फाल से 53 किलोमीटर दूर बिशनुपुर जिले में लोकटक झील है. इस पर तैरते विशाल हरित घेरों की वजह से इसे तैरती हुई झील कहा जाता है. इस झील में बने प्राकृतिक द्वीप देखने लायक हैं. इन्हें 'फुमदी' कहा जाता है. 'फुमदी' को आसान शब्दों में समझें तो ये एक से चार फीट तक मोटे विशाल हरित घेरे या द्वीप मिट्टी और जैविक पदार्थों से मिलकर बने होते हैं. इन परतों का 20 प्रतिशत हिस्सा पानी में डूबा होता है, जबकि 80 प्रतिशत हिस्सा सतह पर तैरता दिखाई देता है. इन द्वीपों में सबसे बड़ा द्वीप 40 स्क्वायर किलोमीटर में फैला है.
लोकटक झील की इन फुमदियों पर स्थानीय मछुआरे रहते हैं. इस झील के सहारे करीब 30,000 लोग अपना घर चलाते हैं. तैरते हुए द्वीप पर कई मछली पकड़ने वाले समुदायों के स्थायी घर भी हैं. प्रकृति के सुंदर नजारों पर तैरती लोकटक झील मणिपुर को आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाती है. इस झील से राज्य की हाइड्रोपॉवर जनरेशन के लिए पानी दिया जाता है.
मणिपुर की लोकटक झील की फुमदी का सबसे बड़ा घेरा 40 स्क्वायर किलोमीटर में फैला है. इस घेरे को भारत सरकार ने ‘किबुल लंजो नेशनल पार्क’ का नाम दिया है. इतना ही नहीं सरकार द्वारा संरक्षण की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानते हुए ‘रामसर साइट’ घोषित किया है. यह पार्क झील के बीच में स्थित है. यह दुनिया का इकलौता तैरता हुआ नेशनल पार्क है. इस नेशनल पार्क को विश्व से विलुप्त होते संगाई हिरनों का आखरी प्राकृतिक घर भी कहा जाता है.
इस जंगल में कई जानवर हैं जैसे कछुए, सांपों में कोबरा और वाइपर, कुछ कम दिखने वाली बिल्लियां मार्बल्ड कैट और एशियन गोल्डन कैट. यहां पर घूमने आने वाले लोगों को कई बार हिमालय का काला भालू और सन भालू भी दिख जाता है. इस जंगल में पक्षियों की भी कई प्रजातियां हैं जैसे चकवा, चील, पूर्वी हिमालय का किंगफिशर, उत्तरी पहाड़ी मैना, पूर्वी जंगली कौआ, उत्तर भारतीय काला ड्रोंगो, स्पॉटबिल बतख और भी कई. आप भी प्रकृति, जानवर और पक्षियों को पसंद करते हैं तो लोकटक झील की गोद में पल रहे इस नजारे को देखकर आपको बेहद खुशी मिलेगी.
लोकटक झील कई खास वनस्पतियों और पुष्पों के साथ ही वन्य जीवों के लिए भी बेहद खास मानी जाती है. यहां पर मार्बल्ड व एशियन गोल्डन बिल्ली, कई खास तरह के सांप, अजगर, काला हिमालयी व मलायन भालू, जंगली कौआ, किंगफिशर, स्पॉटबिल, बर्मी सारस जैसे कई विविध रंग-बिरंगे पक्षी भी देखने को मिलते हैं. इसके अलावा ये पार्क स्थानीय बोली में संगाई के नामकरण वाले दुर्लभ प्रजाति के मौजूदा 216 हिरणों का भी घर है. पार्क में मिलने वाले इन संगाई हिरणों को यहां ‘डांसिंग डियर’ भी कहते हैं.