छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस की रफ्तार बेकाबू होती जा रही है. प्रदेश में कोरोना के बढ़ते आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं. इसके बावजूद अधिकतर लोग बेखौफ होकर घूमते हैं. मॉर्चुरी के बाहर शवों की लाइन का किसी ने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया जिसे महाराष्ट्र के बीजेपी नेता ने शेयर कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. (रायपुर से महेंद्र नामदेव की रिपोर्ट)
बीजेपी नेता प्रेम शुक्ल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि यह छत्तीसगढ़ के आंबेडकर अस्पताल का दृश्य है जहां शव रखने की भी जगह नहीं, अंतिम संस्कार के लिए अपनी पारी की प्रतीक्षा करते शव ! श्रीमान राहुल गांधी थोड़ी भी शर्म बची हो तो इस पर भी कुछ बोलो ! (प्रतीकात्मक फोटो)
कोरोना ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है. अब रोजाना हजारों मरीज सामने आ रहे हैं. 12 तारीख को रिकॉर्ड तोड़ 13 हजार से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं. इनमें से 105 मरीजों की मौत हुई. छत्तीसगढ़ में कोरोना की स्थिति दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है. (प्रतीकात्मक फोटो)
छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ते आंकड़े डरावने हैं. संक्रमित मरीजों में रोज हो रहे इजाफे की वजह से लोग भयभीत हैं. यहां रायपुर के अम्बेडकर हॉस्पिटल की मॉर्चुरी में लोगों के शवों की लाईन लगी रहती है. इसी तरह लोग अगर मरते रहे तो छत्तीसगढ़ के हालात गंभीर हो सकते हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)
रायपुर के आंबेडकर अस्पताल की मॉर्चुरी के बाहर बेतरतीब लाशें पड़ी हैं. राजधानी में होने वाली मौतों की संख्या इतनी अधिक है कि एक और जहां मॉर्चुरी में लाशें रखने की जगह नहीं बची है. वहीं दूसरी और श्मशान घाटों में भी अंतिम संस्कार के लिए भी एक से दो दिन का इंतजार करना पड़ रहा है.
रायपुर में 18 मुक्तिधाम हैं. इनमें प्रतिदिन 60 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है. मृतकों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए 11 मुक्तिधामों को कोविड के लिए आरक्षित कर दिया गया है जबकि अन्य सात मुक्तिधाम में नॉन कोविड वाले शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है. रायपुर जिले में 7 मुक्तिधामों को कोरोना मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए अधिकृत किया गया है. (प्रतीकात्मक फोटो)
इस बारे में सीएमएचओ मीरा बघेल ने बताया कि मॉर्चुरी तो जिस साइज की बनती हैं, वैसी ही बनी हैं. अचानक से मौतें बढ़ जाएंगी तो भीड़ तो बढ़ जाएगी. मॉर्चुरी में 6-6 महीने पुराने शव भी रखे हैं जिन्हें कोई लेने नहीं आया है. जहां 10 की कैपेसिटी हो वहां 50-100 शव आ जाएं तो जगह की कमी तो पड़नी ही है.
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रायपुर शहर में हर दिन औसतन 55 शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है और उनमें से ज्यादातर कोरोना वायरस रोगी हैं.