ऑपरेशन थियेटर के बाहर खड़े होकर परिजनों को मरीज के कुशल ऑपरेशन की प्रार्थना करते सुना होगा, लेकिन ऑपरेशन टेबल पर मरीज के दिमाग का ऑपरेशन चल रहा हो और वह खुद अपनी कुशलता की जानकारी देने के लिए डॉक्टर से लगातार बातचीत कर रहा हो ऐसा तो शायद ही सुना होगा. (इनपुट-चंद्र शेखर शर्मा)
जी हां, ऐसा ही एक अनोखा मामला राजस्थान के अजमेर से सामने आया है. जैतारण में पाली के रहने वाले 30 वर्षीय सावर राम ऐसे ही मरीज हैं जिनके दिमाग के बाएं तरफ पनपा ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन का किया गया. इस दौरान वह लगातार डॉक्टर से बात करते रहे.
ये ऑपरेशन अजमेर के एक निजी अस्पताल (मित्तल हॉस्पिटल) में किया गया. ब्रेन व स्पाइन सर्जन डॉक्टर सिद्धार्थ वर्मा ने रोगी से बातों ही बातों में ट्यूमर निकाल दिया. यह अत्यंत ही जटिल ऑपरेशन सरकार की आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत नि:शुल्क किया गया.
जानकारी के मुताबिक, मरीज के सिर में दर्द रहने, शरीर के दाएं हिस्से में कमजोरी महसूस करना और साथ ही एक महीने से मिर्गी के दौरे आने की शिकायत थी. डॉक्टरों का कहना है कि हॉस्पिटल जांच के लिए पहुंचे रोगी को यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो उसकी जान जाने का बड़ा खतरा था.
न्यूरो सर्जन डॉक्टर सिद्धार्थ वर्मा के अनुसार ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि यह ट्यूमर आवाज को नियंत्रित करने वाले हिस्से के बिल्कुल पास में था और वहीं सर्जरी की जानी थी. इस ट्यूमर को निकाले जाने में मरीज की आवाज जाने का अधिक खतरा था इसलिए मरीज को बेहोश किए बिना ऑपरेशन प्लान किया गया.