दुनिया में ऐसे नजारे कम ही देखने को मिलते हैं. जब आसमान में बादलों के ऊपर अंतरिक्ष की तरफ जाती हुई लाल और नीले रंग की रोशनी दिखाई दे. इस प्रक्रिया को स्प्राइट्स और जेट्स (Sprites and Jets) कहते हैं. ये अद्भुत दुर्लभ नजारा हवाई द्वीप के मॉनाकिया इलाके के ऊपर दिखाई दिया. इस जगह पर दुनिया की बेहतरीन टेलीस्कोप इंटरनेशनल जेमिनी ऑब्जरवेटरी स्थित है. (फोटोःNOIR Lab)
अगर आप तस्वीर को ध्यान से देखेंगे तो आपको नीचे बाईं तरह जेमिनी टेलिस्कोप (Gemini Telescope) दिखाई देगा. उसके पीछे की तरफ रात में जगमगाता हुआ मॉनाकिया शहर. शहर के ठीक ऊपर दाईं तरफ बादलों के बीच चमकती हुई बिजली की रोशनी. उसके ठीक ऊपर नीले रंग का जेट और जिसके ऊपर लाल रंग का स्प्राइट दिखाई देगा. (फोटोःNOIR Lab)
लाल स्प्राइट और नीला जेट (Red Sprite And Blue Jet) वायुमंडल के ऊपरी हिस्से की एक ऐसी दुर्लभ प्रक्रिया है जो इलेक्ट्रिकल डिस्चार्ज (Electrical Discharge) की वजह से बनता है. कई बार इसका रंग लाल-नारंगी, नीला-हरा भी हो सकता है. आमतौर पर यह मीसोस्फेयर (Mersosphere) यानी धरती से करीब 50 से 80 किलोमीटर के बीच होता है. (फोटोःगेटी)
इस प्रक्रिया के होने के पीछे की बड़ी वजह होती है कम ऊंचाई पर बिजली का चमकना. लेकिन ऐसी बिजली जो तापमान में तुलनात्मक रूप से ठंडी हो. कई बार ये स्प्राइट और जेट जेलीफिश (Jellyfish) जैसा आकार भी बनाते हैं. नीला जेट (Blue Jets) हमेशा ज्यादा ऊंचाई पर ही बनता है. ये तब बनता है जब तूफानी बादल का पॉजिटिवली चार्ज्ड ऊपरी हिस्सा और अंतरिक्ष की तरफ वाला बादल का निगेटिवली चार्ज्ड एकदम ऊपर वाला हिस्सा आपस में टकराते हैं. (फोटोःगेटी)
This breathtaking #ImageOfTheWeek features two lightning phenomena: a red sprite & a blue jet from the perspective of the @GeminiObs cloud cams. It is extremely rare to capture these phenomena on camera. https://t.co/0iSXtlZV44
— NOIRLab (@NOIRLabAstro) February 24, 2021
Credit:@GeminiObs/NOIRLab/NSF/AURA/A. Smith pic.twitter.com/LNboxlhUXj
लाल स्प्राइट और नीला जेट (Red Sprite And Blue Jet) को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे धरती के ऊपर जमा तूफानी बादलों से अंतरिक्ष की ओर कोई रोशनी का पंजा जा रहा है. जिस कैमरे ने इस नजारे की तस्वीर ली है वह डिजिटल सिंगल लेंस रिफ्लेक्स (DSLR) है. इसने बिजली कड़कने के 1 सेकेंड और 30 सेकेंड के बीच यह तस्वीर क्लिक की है. (फोटोःगेटी)
ये कैमरे जेमिनी टेलिस्कोप (Gemini Telescope) की छत पर लगाए गए हैं, ताकि आने वाले तूफानों की सूचना पहले मिल जाए. इन कैमरों में ऐसे सेंसर्स लगे हैं जो तूफानों, बारिश आदि की सूचना पहले दे देते हैं. जेमिनी नॉर्थ ऑब्जरवेटरी (Gemini North Observatory) समुद्र तल से 13,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. (फोटोःगेटी)
जमीन से लाल स्प्राइट और नीला जेट (Red Sprite And Blue Jet) देखना अत्यधिक दुर्लभ है. लेकिन साल 2017 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से एस्ट्रोनॉट्स ने 160 सेकेंड में 245 नीली रोशनी वाले जेट्स देखे थे. वैज्ञानिकों के बीच लाल स्प्राइट और नीला जेट (Red Sprite And Blue Jet) की रासायनिक प्रक्रिया को लेकर भी विवाद है. कुछ साइंटिस्ट्स का मानना है कि इसकी वजह से ओजोन लेयर पर भी प्रभाव पड़ता होगा. (फोटोःNASA/ESA)
फोर्ट लेविस कॉलेज के भौतिक विज्ञानी रेयान हालेंड ने कहा कि लाल स्प्राइट और नीला जेट (Red Sprite And Blue Jet) की स्टडी करना बेहद मुश्किल है. कई बार इनका अध्ययन जमीन पर लगाए गए अत्याधुनिक उपकरणों से किया जाता है. कई बार इन्हें पढ़ने के लिए विशेष रिसर्च विमान तूफानी बादलों के आसपास उड़ाए जाते हैं लेकिन स्प्राइट्स और जेट्स मिलीसेकेंड्स में खत्म हो जाते हैं, इसलिए इन्हें देख पाना मुश्किल होता है. (फोटोःगेटी)