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1001 दिन बाद रिहा सऊदी अरब की महिला एक्टिविस्ट, जेल में हुआ शोषण, मिलीं रेप की धमकियां

लोजैन
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सऊदी अरब की सबसे मशहूर पॉलिटिकल एक्टिविस्ट में शुमार लोजैन-अल-हथलाउल को जेल से रिहा कर दिया गया है. लोजैन पिछले तीन सालों से जेल में बंद थीं. वे सऊदी अरब में महिलाओं की ड्राइविंग बैन के खिलाफ लगातार मुखर रही हैं. उन्हें साल 2018 में सऊदी अरब के एक विशेष कोर्ट ने अस्पष्ट आतंकवाद रोधी कानून के तहत पांच साल आठ महीने की कैद की सजा सुनाई गई थी. अब 1001 दिनों के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया है. (फोटो क्रेडिट: ट्विटर)

लोजैन अपनी बहन के साथ वीडियो कॉल पर
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हालांकि लौजेन पूरी तरह से आजाद नहीं हुई हैं और उन पर 5 सालों का ट्रैवल बैन लगाया है. लौजेन की बहन लीना जो पिछले कई सालों से उनके साथ लगातार संघर्ष करती रही हैं, उन्होंने ट्वीट कर कहा कि लौजेन घर आ चुकी हैं लेकिन वे अब भी आजाद नहीं हैं. अभी लड़ाई खत्म नहीं हुई है. सभी राजनीतिक कैदियों की आजादी के बिना मुझे खुशी नहीं मिलेगी. (फोटो क्रेडिट: ट्विटर)

 

प्रतीकात्मक तस्वीर
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माना जा रहा है कि लोजैन की रिहाई के पीछे इंटरनेशनल दबाव का भी हाथ है. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ने लोजैन को दी गई सजा को 'न्याय विरुद्ध' बताया और मानवाधिकारों के साथ खड़े होने की बात कही थी. इसके अलावा पेरिस के मेयर, बेल्जियम के विदेश मंत्रालय और जर्मनी की एक सांसद भी लोजैन की तत्कार रिहाई की मांग कर चुके हैं और सऊदी अरब के रवैये पर नाराजगी जता चुके हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन लोजैन की रिहाई पर खुशी भी जाहिर कर चुके हैं. 

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प्रतीकात्मक तस्वीर
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सऊदी अरब में पुरुषप्रधान व्यवस्था 'विलाया' के तहत हर महिला को जन्म से मौत तक किसी न किसी पुरुष को गार्जियन के तौर पर रखना अनिवार्य होता है. इसके अलावा, महिलाएं गाड़ी नहीं चला सकती थीं. लोजैन ने इस व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की थी और उनके और कई महिलाओं के प्रयासों से ये संभव हुआ कि पिछले साल ही पुरुष गार्जियन की इजाजत के बगैर महिलाओं को विदेश यात्रा की सुविधा मिली थी. 

लोजैन की रिहाई के लिए प्रदर्शन करते लोग
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इसके अलावा साल 2018 में ही महिलाओं पर लगे ड्राइविंग बैन को हटाया गया था. लेकिन इस मामले में विरोध प्रदर्शन करने वाली कई महिलाओं के साथ ही लोजैन को भी गिरफ्तार किया गया था. लोजैन पर आरोप लगे कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं और वे देश के राजनीतिक सिस्टम को नाकाम करने की कोशिश कर रही हैं. 

लोजैन
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इसके बाद जेल के हालातों को देखते हुए लोजैन ने कुछ महिला एक्टिविस्ट्स के साथ भूख हड़ताल भी की थी. लाजौल ने कहा था कि उन्हें जांच के दौरान मास्क लगाए लोगों ने यौन शोषण और टॉर्चर करने की कोशिश की. इन महिलाओं का कहना था कि इन्हें इलेक्ट्रिक शॉक दिया गया, बेंत मारी गई, रेप और जान से मारने की धमकियां दी गईं.  ह्यूमन राइट्स वकील हेलेना केनेडी ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि लाजौल समेत कई महिलाओं को जेल में पोर्नोग्राफी दिखाई जाती थी और उनका टॉर्चर किया जाता था. (फोटो सोर्स: ट्विटर)

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