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ये कैसा मौसम? सहारा रेगिस्तान में बर्फबारी, माइनस 3 डिग्री पहुंचा पारा

Snowfall in Sahara Desert Saudi Arabia
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कभी सुना है कि रेगिस्तान में चारों तरफ बर्फ ही बर्फ फैल गई हो. प्रकृति का ये हैरान करने वाला कारनामा हाल ही में देखने को मिला है. रेगिस्तानी इलाके से भरे अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के देशों में रेत के ढेरों के ऊपर बर्फबारी हुई. अचानक से गर्म रहने वाले रेगिस्तान का तापमान माइनस तीन डिग्री सेल्सियस तक चला गया. अब सहारा रेगिस्तान में भी बर्फबारी होने लगी है. पिछले कुछ सालों से ये अजीबो-गरीब वाकया देखने को मिल रहा है. (फोटोः रॉयटर्स)
 

Snowfall in Sahara Desert Saudi Arabia
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उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के ताबुक इलाके के रेगिस्तानों में भयानक बर्फबारी हुई है. ये सऊदी अरब के लोगों के लिए हैरानी वाली घटना है. ये इलाका जॉर्डन देश की सीमा से सटा हुआ है. गर्मियों में यहां के रेगिस्तान में पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. लेकिन इस समय इस रेगिस्तानी देश का तापमान औसतन जीरो डिग्री सेल्सियस रह रहा है. इस महीने तो पारा कई बार इसके नीचे भी गया है. (फोटोः रॉयटर्स)

Snowfall in Sahara Desert Saudi Arabia
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10 जनवरी को छोटे पहाड़ों और रेगिस्तान से भरे ताबुक इलाके में बर्फबारी हुई. इसके बाद इस हफ्ते अल्जीरिया के अइन सेफ्रा में बर्फबारी हुई. अइन सेफ्रा को रेगिस्तान का द्वार भी कहा जाता है. यह समुद्र तल से करीब 3280 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. इसके चारों तरफ एटलस के पहाड़ हैं. पिछले बुधवार को इस इलाके में पारा शून्य से नीचे गिरकर माइनस 2.96 डिग्री सेल्सियस हो गया था. (फोटोः रॉयटर्स)

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Snowfall in Sahara Desert Saudi Arabia
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सऊदी अरब में साल 2018 में भी बर्फबारी हुई थी. इसके अलावा लेबनान, सीरिया और ईरान के कुछ इलाकों में इतनी बर्फबारी हुई कि चलना-फिरना मुश्किल हो गया. कई जगहों पर तो चार फीट बर्फ जमा है. सऊदी अरब में इस साल जनवरी का महीना सबसे ठंडा रहा है. यहां महीने भर का औसत अधिकतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रहा है. (फोटोः रॉयटर्स)

Snowfall in Sahara Desert Saudi Arabia
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ताबुक पूरे देश में सबसे ठंडा इलाका रहा है. यहां पर पूरे महीने का अधिकतम औसत तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रहा है. दुनियाभर के मौसम विज्ञानियों का मानना है कि रेगिस्तान में बर्फ गिरना दुर्लभ घटना है. लेकिन पूरी तरह से सामान्य भी नहीं है. इसे हमें गंभीरता से लेना होगा. फिलहाल कई रिसर्चर सहारा रेगिस्तान में होने वाली बारिश और बर्फबारी का अध्ययन कर रहे हैं. इसके पीछे की वजह क्लाइमेट चेंज को माना जाता है. क्योंकि पिछले 100 सालों में  मौसम में काफी बदलाव आए हैं. (फोटोः रॉयटर्स)

Snowfall in Sahara Desert Saudi Arabia
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मैरीलैंड यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विज्ञानी प्रोफेसर सुशांत निगम बताते हैं कि हमारी स्टडी तो सहारा रेगिस्तान पर केंद्रित है लेकिन ये कुछ बदलावों के साथ दुनिया के बाकी रेगिस्तानों पर भी लागू हो सकती है. मौसम में ऐसे बदलाव देखने को मिले हैं जो पहले नहीं थे. जैसे यूके में कई दिनों तक बारिश. इंग्लैंड और वेल्स में 2.3 फीट तक पानी जमा हो गया. पिछले हफ्ते इस इलाके में मौसम संबंधी विभिन्न प्रकार की चेतावनियां जारी की गई थीं. (फोटोः रॉयटर्स)

Snowfall in Sahara Desert Saudi Arabia
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सऊदी अरब में लोग इस बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं. लोग बर्फ के बीच में कैमल सफारी पर निकल रहे है. अलाव जलाकर मौसम का मजा ले रहे हैं. रेतीले धोरों और पहाड़ों पर बर्फ की परवाह ने करते हुए भेड़ें और बकरियां दिखाई दे रही हैं. आसपास के शहरों से जहां बर्फ नहीं गिरी वो लोग बर्फबारी वाले इलाके में घूमने आ रहे हैं ताकि इस स्नोफॉल का मजा ले सकें. (फोटोः रॉयटर्स)

Snowfall in Sahara Desert Saudi Arabia
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सहारा रेगिस्तान लगभग पूरे उत्तरी अफ्रीका को कवर करता है. आमतौर पर यहां का तापमान ज्यादा रहता है. गर्मी रहती है. साथ ही उमस भी. ये भी लोगों को पता है कि रेगिस्तान में रात में तापमान अचानक से कई डिग्री नीचे गिर जाता है. लेकिन इसकी वजह से कभी बर्फबारी या बर्फ नहीं जमती. लेकिन आजकल इस रेगिस्तान के ऊपरी इलाके में बर्फबारी होना एक हैरान करने वाली घटना है. (फोटोः रॉयटर्स)

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