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सर्जिकल स्ट्राइक: जब भारतीय शूरवीरों ने PoK में घुसकर आतंकियों में मचा दिया था कोहराम

भारतीय सेना
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जम्मू-कश्मीर के उरी में साल 2016 में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आज के दिन ही सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकियों से जवानों की शहादत का बदला लिया था. पूरे देश में इसकी चौथी वर्षगांठ मनाई जा रही है. बीते रविवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सेना के इस शौर्य गाथा का जिक्र किया था.

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पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के दौरान सर्जिकल स्ट्राइक को याद करते हुए कहा था कि चार साल पहले इस समय पूरी दुनिया ने सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान हमारे जवानों के साहस, बहादुरी और पराक्रम को देखा था, अब उनका एक ही लक्ष्य और मिशन है भारत माता की जय और उनके सम्मान की रक्षा.
 

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कैसे हुआ था हमला

18 सितंबर 2016 की सुबह करीब 5.30 बजे जम्मू-कश्मीर के उरी कैंप में जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकवादी सेना की वर्दी में अंदर घुस आए और ब्रिगेड हेडक्वॉटर्स पर हमला शुरू कर दिया. इस हमले में भारतीय सेना के 19 जवान शहीद हो गए और कई जवान घायल हो गए. पूरी तैयारी के साथ आए आतंकवादियों ने 3 मिनट में 17 हैंड ग्रेनेड फेंके. जवाबी कार्रवाई में सेना की 6 घंटे तक आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ चली जिसके बाद चारों दहशतगर्द को मौत के घाट उतार दिया गया.

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भारत ने ऐसे लिया उरी का बदला

उरी हमले के ठीक 10 दिन बाद यानि की 28-29 सितंबर की रात को भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बैठे आतंकियों को सबक सिखाने की योजना बनाई. इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए भारतीय सेना के स्पेशल फोर्सेज को चुना गया. स्पेशल फोर्सेज के 150 कमांडोज ने पीओके में घुसकर आतंकियों के अड्डे और लॉन्चिंग पैड को पूरी तबाह कर दिया. पीओके में 3 किलोमीटर अंदर घुसकर कमांडोज ने 38 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया.
 

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सर्जिकल स्ट्राइक को आधी रात के बाद अंजाम दिया गया और इसमें  MI 17 हेलिकॉप्टरों के जरिए 150 कमांडोज को LoC के पास उतारा गया. यहां से 4 और 9 पैरा के 25 कमांडो पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हुए और पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देकर सुबह होने से पहले अपनी सीमा में लौट आए.

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सर्जिकल स्ट्राइक वाली रात तत्‍कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, NSA अजित डोभाल और तत्‍कालीन सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह तीनों रात 8 बजे सेना मुख्यालय में मौजूद War Room में पहुंच गए. तब सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग ने इस ऑपरेशन की तारीफ करते हुए कहा था कि सेना ने अपना वादा पूरा किया.

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