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बनियान पहन कर टीचर ने चुनाव के लिए किया नामांकन, शादी-पार्टी में भी ऐसे ही जाते हैं

बनियान पहन कर टीचर ने चुनाव के लिए भरा नामांकन, शादी-पार्टी में भी ऐसे ही जाते हैं
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महाराष्ट्र में बिना अनुदानित शिक्षकों की ओर से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में एक शिक्षक चुनाव लड़ रहा है. वैसे तो चुनाव में बहुत से प्रत्याशी उतरे हैं लेकिन इस प्रत्याशी की चर्चा अमरावती विभाग में जोरों पर है, क्योंकि इस शिक्षक प्रत्याशी ने अपना नामांकन बनियान पहनकर भरा है.  (बुुुुलढाना सेे जका खान की र‍िपोर्ट) 

बनियान पहन कर टीचर ने चुनाव के लिए भरा नामांकन, शादी-पार्टी में भी ऐसे ही जाते हैं
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जबसे इन्होंने पर्चा भरा है उन्होंने शर्ट नहीं पहनी है. उनका कहना है कि बिना अनुदानित जो शिक्षक स्कूलों पर पढ़ा रहे हैंं, उनकी स्थिति बहुत दयनीय है. 40 प्रतिशत अनुदान देने की बात शासन ने कही लेकिन सिर्फ 20 प्रतिशत ही दे रही है.

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जहां अमरावती विभाग में 11 हजार से ज़्यादा बिना अनुदानित शिक्षक है वहीं वाशिम जिले में 400 के करीब बिना अनुदानित शिक्षक हैं. उपेंद्र पाटिल के समर्थन में बहुत से शिक्षकों ने अपनी शर्ट उतारकर उनका समर्थन किया है. बनियान पहनकर ही वह प्रचार कर शिक्षकों से वोट मांग रहे हैं.

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शिक्षक उपेंद्र पाटिल ने कहा कि अगर वह जीत जाते हैं तो जब भी सभागृह में जाएंगे तो बनियान पहनकर ही जायेंगे और शिक्षकों की मांगें रखेंगे.

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उपेंद्र बाबाराव पाटिल पिछले बीस सालों से मानोरा तहसील के ग्राम कार्ली के स्थानीय बिना अनुदानित माधवराव पाटिल विद्यालय में मुख्य अध्यापक पद पर कार्यरत हैं. उपेंद्र पाटिल ने बताया कि अभी सरकार हमें सिर्फ 20 फीसदी ही अनुदान दे रही है.

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उनके सहयोगी शिक्षक ने बताया है कि बिना अनुदानित स्कूल पर जो शिक्षक काम कर रहे हैं उनके घरेलू हालात काफी खस्ता है. कोरोना काल मे 27 ऐसे शिक्षकों ने आत्महत्या की है जो बिना अनुदानित स्कूलों पर शिक्षक थे.

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