scorecardresearch
 
Advertisement
ट्रेंडिंग

न सड़क-न पुल, अस्पताल ले जाने के लिए गर्भवती को कंधों पर उठाकर पार की नदी

न सड़क-न पुल, अस्पताल ले जाने के लिए गर्भवती को कंधों पर उठाकर पार की नदी
  • 1/5
तेलंगाना में हाल ही में हुई भारी बारिश से कई जिले प्रभावित हुए हैं. भद्राद्री कोथागुडेम जिले में भी कई झीलें बारिश के पानी से उफान पर आ गईं. किन्नरसानी, मल्लन्ना वगु जैसे कई इलाके एडु मेलिकाला वागु झीलों की वजह से काफी प्रभावित हुए हैं. साथ ही नदी में काफी पानी आ जाने के कारण गांव के बीच का परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. यही नहीं, गुंदला मंडल में मल्लन्ना वगु झील पर बना अस्थायी पुल भी पानी के बहाव में बह गया है.
न सड़क-न पुल, अस्पताल ले जाने के लिए गर्भवती को कंधों पर उठाकर पार की नदी
  • 2/5
नदी में पानी भर जाने से इलाके के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. ऐसे ही नरसापुरम टांडा की रहने वाली नुनवत ममता को अस्पताल पहुंचाने में काफी परेशानी उठानी पड़ी.  नुनवत ममता  8वें महीने की गर्भवती हैं. उन्हें गुंदला के सरकारी अस्पताल में जाना था. कोई साधन न मिलने की वजह से उनके परिवार ने उन्हें  टू व्हीलर (बाइक) पर ले जाने का फैसला किया.
न सड़क-न पुल, अस्पताल ले जाने के लिए गर्भवती को कंधों पर उठाकर पार की नदी
  • 3/5
इसके बाद परिवार वाले मल्लन्ना वगु झील के पास पहुंचे. लेकिन वहां बना अस्थायी पुल बह चुका था. इसके बाद गर्भवती महिला के परिवार के सामने कड़ी चुनौती खड़ी हो गई. गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए परिवार के सदस्यों ने अपनी जान जोखिम में डालकर महिला को कंधों पर उठाया और बहुत कठिनाई के साथ उफनती झील को पार किया.
Advertisement
न सड़क-न पुल, अस्पताल ले जाने के लिए गर्भवती को कंधों पर उठाकर पार की नदी
  • 4/5
मल्लन्ना वगु झील की धारा और फैलाव ज्यादा होने के कारण जान का खतरा ज्यादा था. इसके बावजूद परिवार के सदस्यों ने हिम्मत से काम लेकर नदी को पार किया. अंत में गर्भवती महिला के परिवार के सदस्य उसे गुंदला के सरकारी अस्पताल में सुरक्षित ले जाने में सफल रहे. मेडिकल स्टाफ ने कहा कि उसकी हालत सुरक्षित है.
न सड़क-न पुल, अस्पताल ले जाने के लिए गर्भवती को कंधों पर उठाकर पार की नदी
  • 5/5
बता दें, हर बरसात के मौसम में आदिवासी लोगों को मंडल मुख्यालय के सरकारी अस्पताल पहुंचने के लिए कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है.  मंडल मुख्यालय के सरकारी अस्पताल गांव से 8 किलोमीटर दूर है. बारिश के मौसम में, मनुगुरु, नरसम्पेता, वारंगल आदि स्थानों के लिए गुंडला से परिवहन कट जाता है. लेकिन फिर भी कोई सरकारी योजना यहां तक नहीं पहुंच पा रही है.
Advertisement
Advertisement