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गाजीपुर: खेतों से जंगली जानवर भगाने का देसी जुगाड़, जानें कीमत

जुगाड़ की गन (फोटो आजतक)
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उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर के किसान आवारा पशुओं से काफी परेशान हैं. अक्सर ये जानवर खेतों में घुस आते हैं और फसलों को खराब कर देते हैं. अब किसानों ने इस परेशानी का हल खोज लिया है. एमबीए के एक छात्र अभिषेक ने ऐसा गन बनाई है जिससे कार्बाइड के टुकड़े की सहायता से धमाका करते है और जानवर आवाज सुनकर भाग जाते हैं. 


(इनपुट- विनय कुमार सिंह)

जुगाड़ की गन (फोटो आजतक)
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इस गन मशीन को रखने के लिए किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं पड़ती है और इसे बनाने की लागत सिर्फ 300 रुपये आती है. जो किसान आवारा पशुओं और नीलगाय के आतंक से परेशान थे वो इस गन का इस्तेमाल जमकर कर रहे हैं.  इस गन से फायर करने में भी एक से दो रुपये का खर्च आता है. 

जुगाड़ की गन (फोटो आजतक)
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खानपुर क्षेत्र के फरीदहा गांव में किसानों ने अपने खेतों से पशुओं को भगाने के लिए 'पटाखा गन मशीन' का निर्माण किया है. इस गन मशीन के तेज धमाके वाली आवाज से एक किलोमीटर दूर तक के पशु और पक्षी दूर भाग रहे है. रात के समय जुड़ान वाली यह गन काफी कारगार साबित हो रही है. एमबीए डिग्री प्राप्त युवक अभिषेक सिंह ने लॉकडाउन में घर आने के बाद स्थानीय किसानों की समस्या देखकर बनाई थी. 

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जुगाड़ की गन (फोटो आजतक)
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प्लास्टिक पाइप में कार्बाइड और पानी को शेक करके केमिकल रिएक्शन होने से गैस बनती है. फिर उससे फायर किया जाता है और जोर से आवाज होती है. इससे न जानवर को नुकसान होता है और न ही चलाने वाले को. इसकी दमदार आवाज से आवारा जानवर डरकर भाग जाते हैं.  इस अनोखी गन को बनाने वाले अभिषेक बताते हैं कि मात्र तीन सौ रुपये की लागत से सस्ती गन से किसान अपने खेतों की रखवाली कर सकते हैं. 

जुगाड़ की गन (फोटो आजतक)
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किसान अपने खेतों में शाम को सूरज डूबने के बाद चार से पांच फायर करते हैं और फिर उन्हें पूरी रात के लिए निश्चित हो जाते हैं. अभिषेक का कहना है कि इस साल दीपावली में  गांव के युवा पटाखे की बजाए इसी गन का इस्तेमाल करने की बता कह रहे हैं, इससे किसी तरह का कोई प्रदूषण भी नहीं होता है. 

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