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कृषि कानून की आंच ऑस्ट्रेलिया तक पहुंची, भारतीय मूल के लोगों के दो गुट भिड़े

आपस में भिड़े भारतीय मूल के लोगों के दो गुट
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केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर 2 महीने से भी ज्यादा समय से किसान विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों के प्रदर्शन की तपिश अब दूसरे देशों में भी महसूस की जा रही है. ऑस्टेलिया में मोदी सरकार के किसान कानून के समर्थन और विरोध में भारतीय समुदाय के लोग दो हिस्सों में बंट गए हैं. कृषि कानून लेकर वहां दोनों गुट भिड़ गए जिसमें जमकर हिंसा हुई और कारों को नुकसान पहुंचाया गया. (तस्वीर - 7news)

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स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वहां की एजेंसियों का मानना ​​है कि यह हमला सिख समुदाय और भारत सरकार के समर्थकों के बीच विवादास्पद नए कृषि कानूनों के खिलाफ बढ़ते तनाव का परिणाम था. (तस्वीर - 7news)

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ऑस्ट्रेलिया के स्थानीय न्यूज चैनल 7news ने घटना का जो सीसीटीवी फुटेज प्रसारित किया है उसमें अज्ञात लोगों का एक समूह डंडे और हथौड़ों के साथ कार को क्षतिग्रस्त करता हुआ दिख रहा है. जबकि कार में एक सिख पुरुष मौजूद था. (तस्वीर - 7news)

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रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित किसी तरह बड़ी चोट से तो बच गया लेकिन हमले में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. यह घटना सिडनी के वेस्ट में हैरिस पार्क में पिछले सप्ताह हुई थी. पुलिस का कहना है कि दो गुटों के बीच कृषि कानून को लेकर हुए विवाद की वजह से ये हिंसा हुई. (तस्वीर - 7news)

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पीड़ितों ने ऑस्ट्रेलियाई समाचार चैनल को बताया, "उन्होंने हर तरफ से कार को टक्कर मारी." इस हमले में कोई भी मारा जा सकता था.''रिपोर्ट के अनुसार, सिडनी के पश्चिम क्षेत्र में कई रेस्टोरेंट और मंदिर के लोगों ने दावा किया है कि वे इस राजनीतिक तनाव में फंस गए हैं. स्थानीय अधिकारियों ने दोनों समूहों के बीच शांति लाने और मध्यस्थता करने के लिए भारतीय समुदाय के नेताओं से संपर्क किया है. (तस्वीर - 7news)
 

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भारतीय मूल के एक स्थानीय नागरिक कमल सिंह ने समाचार चैनल को बताया, ''हम सभी चाहते हैं कि यह शांति से हल हो जाए. आपस में ऐसे नहीं लड़ना चाहिए जैसे अभी हर भारतीय दूसरे भारतीय के साथ लड़ रहा है.'' (तस्वीर - 7news)


 

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