थाईलैंड में एक सांसद को क्राफ्ट बीयर से बेहद लगाव है. फ्यूचर फारवर्ड पार्टी के सांसद ताओ खुद भी एक दौर में इस बीयर इंडस्ट्री में घुसने की कोशिश कर चुके हैं और अब वे अपने देश में बीयर बिल लाना चाहते हैं जिससे इस मार्केट में यंग और मिडिल क्लास लोगों की भागीदारी बढ़ सके. वाईस वर्ल्ड न्यूज के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर ये बीयर बिल पास होता है तो ये साफ संकेत होगा कि थाइलैंड बदलाव के लिए तैयार है.
ताओ सबसे पहले साल 2017 में चर्चा में आए थे. वे गैर कानूनी तरीके से बीयर बना रहे थे जिसके बाद उन्हें एक रात हवालात में भी काटनी पड़ी थी. उस समय वे एक यंग बिजनेसमैन थे और बीयर के बिजनेस में नाम कमाने की कोशिश कर रहे थे. दो साल बाद वे प्रोग्रेसिव फ्यूचर फॉरवर्ड पार्टी में शामिल हो गए थे. ये एक यूथ आधारित मूवमेंट था जिसने मिलिट्री के सपोर्ट वाली सत्ता को हिला दिया था और इस पार्टी ने 2019 के चुनावों में तीसरा स्थान हासिल किया था.
हालांकि ये पार्टी बाद में एक विवादित कोर्ट केस में उलझ गई थी लेकिन ताओ और कुछ विपक्षी पार्लियामेंट के सदस्य एक नई पार्टी मूव फॉरवर्ड में शामिल हो गए हैं. वे राजनीतिक स्तर पर भले ही विवादों के बीच अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने में कामयाब रहे हों लेकिन कोरोना महामारी के चलते उन्हें आर्थिक तौर पर नुकसान पहुंचा है और उन्हें अपना छोटा सा बार बंद करना पड़ा है.
उन्होंने कहा कि थाइलैंड की क्राफ्ट बीयर मार्केट में लाइसेंस लेना काफी जटिल है. लाइसेंस के लिए बीयर बनाने वाले लोगों को साल में कम से कम 10 मिलियन लीटर बीयर बनानी होती है और यहां एडवर्टाइजिंग पर भी काफी पाबंदियां हैं. यही कारण है कि छोटे स्तर पर शुरूआत करने वाले बीयर बनाने वाले लोगों को लाइसेंस काफी मुश्किल से मिलता है.
ताओ चाहते हैं कि यंग बिजनेसमैन थाइलैंड के अंदर ही कम से कम परेशानियों के साथ बीयर मार्केट में उतर सकें. उनका मानना है कि बीयर इंडस्ट्री में बिजनेस पर अमीरों का ही दबदबा है और वे कानून के सहारे इसे बेहतर बनाना चाहते हैं. हालांकि उनके प्रपोजल से पहले कम से कम 100 विधेयकों पर काम बाकी है, ऐसे में वो काफी समय तक अपने बीयर बिल पर संसद में चर्चा नहीं कर पाएंगे. फिर भी तमाम दिक्कतों के बावजूद थाइलैंड में ये इंडस्ट्री काफी फल-फूल रही है.