scorecardresearch
 
Advertisement
ट्रेंडिंग

मछली पकड़ते वक्त कपल को मिला दुर्लभ कछुआ, जादू-टोना और नशीली दवाओं के लिए होती है तस्‍करी

मछली पकड़ते कपल को दिखा दुर्लभ कछुआ, जादू-टोना और नशीली दवाओं के लिए होती है तस्‍करी
  • 1/5

एक कपल उजनी बांध में मछली पकड़ रहा था कि तभी उन्‍हें एक सुंदर सा कछुआ नजर आया. उन लोगों ने जब वन‍ विभाग के अधिकारियों को इसे सौंपा तो पता लगा कि यह दुर्लभ प्रजाति का इंडियन स्‍टार कछुआ है जो लुप्‍तप्राय हो गया है. इस कछुए का उपयोग कुछ लोग तंत्र-मंत्र में भी करते हैं. (पंकज खेलकर की र‍िपोर्ट)

मछली पकड़ते कपल को दिखा दुर्लभ कछुआ, जादू-टोना और नशीली दवाओं के लिए होती है तस्‍करी
  • 2/5

महाराष्ट्र में पुणे जि‍ले के इंदापुर में इंडियन स्टार नस्ल का यह दुर्लभ कछुआ पाया गया है. भिगवण के पास उजनी बांध में मछली पकड़ने वाले जोड़े को ये कछुआ मिला. विश्वस्तर पर बेहद दुर्लभ प्रजाति का यह कछुआ इंदापुर में विनोद काले और उनकी पत्नी शिवानी काले को मिला है.

मछली पकड़ते कपल को दिखा दुर्लभ कछुआ, जादू-टोना और नशीली दवाओं के लिए होती है तस्‍करी
  • 3/5

इंडियन स्टार कछुआ आम कछुए की तुलना में अधिक सुंदर होता है और इसकी बाहरी खाल पर चमकदार भाले के आकार के डॉट्स हैं जो सितारों की तरह दिखते हैं. (प्रतीकात्‍‍‍मक फोटो)

Advertisement
मछली पकड़ते कपल को दिखा दुर्लभ कछुआ, जादू-टोना और नशीली दवाओं के लिए होती है तस्‍करी
  • 4/5

यह दुर्लभ कछुआ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी प्रजाति है. यह प्रजाति मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, म्यांमार, श्रीलंका और भारत में आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में पाई जाती है.

मछली पकड़ते कपल को दिखा दुर्लभ कछुआ, जादू-टोना और नशीली दवाओं के लिए होती है तस्‍करी
  • 5/5

अंधविश्वास, होम फेंगशुई, जादू-टोना और नशीली दवाओं के उत्पादन जैसे कारणों से इन कछुओं की विश्व स्तर पर तस्करी की जाती है. ये दुर्लभ कछुआ उजनी बांध में मिला है. इस दंपती ने कछुआ वन विभाग के अधिकारियों के पास सौंप दिया है.

Advertisement
Advertisement