आपने शायद स्वदेश फिल्म देखी हो. इस फिल्म में नायक विदेश में नौकरी करता था लेकिन एक दिन वतन की मिट्टी उसे खींच लाती है. आज हम आपको यूपी के ऐसे ज़िला पंचायत अध्यक्ष की कहानी बताएंगे जो विदेश से मेरठ लौटा और पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा जीता और मंगलवार को वह जिला पंचायत अध्यक्ष चुन लिया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रेरणा लेकर वो अपने वतन लौट आये थे और अब उनका राजतिलक भी ज़िला पंचायत अध्यक्ष के तौर पर हो गया है.
15 वर्षों से जर्मनी में रहकर अपना बिजनेस कर रहा एक शख्स अपने गांव पंचायत का चुनाव लड़ने पहुंच गया. पंचायत चुनाव उसको इतना भाया कि वह अब गांव में डेरा डाले हुए हैं और वादा किया कि वह अपने क्षेत्र का जर्मनी की तरह विकास करेंगे. जर्मनी में रहकर बिजनेस कर रहे शख्स को ये चुनाव इतना भाया कि वो विदेश से लौटकर गांव की मिट्टी में रम गया है.
इसे समाज सेवा का जज्बा कहें या फिर राजनीति का ग्लैमर. वजह जो भी हो, लेकिन जर्मनी में वर्षों से बिजनेस कर रहे गौरव चौधरी को जिला पंचायत की राजनीति इतनी भायी कि वो जर्मनी से अपने पैतृक गांव कुशेड़ी लौट आए. गौरव पढ़ाई करने के बाद जर्मनी चले गए थे और वहीं पर इंपोर्ट-एक्सपोर्ट और कंस्ट्रक्शन का काम शुरू किया था. गौरव का कहना है कि वो जर्मनी में रहते भले ही रहे हों लेकिन साल में 2 बार वो गांव जरूर आ जाते हैं.
गौरव बताते हैं कि वह कई साल से अपने दादा चौधरी भीम सिंह मेमोरियल ट्रस्ट के नाम से संस्था चला रहे हैं. ट्रस्ट के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों की मदद करते रहते हैं. वह जर्मनी में रहते जरूर है लेकिन अपने गांव समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं. इसी जज्बे ने जिला पंचायत जिला पंचायत सदस्य बनने का उत्साह जगाया. वह चाहते हैं कि युवाओं के लिए रोजगार और गरीब तबके की अन्य सभी जरूरतें पूरी की जाएं.
गौरव के चाचा योगेंद्र भी जिला पंचायत के सदस्य रह चुके हैं और गांव में बहुत टाइम से राजनीति कर रहे हैं. उनका चुनाव के समय कहना था गौरव का वादा है कि वह अपने क्षेत्र का विकास जर्मनी की तर्ज पर करेंगे.
जर्मनी से मेरठ के अपने गांव लौटे गौरव ने पहले ज़िला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और जीते. अब उनको ज़िला पंचायत अध्यक्ष चुन लिया गया है क्योंकि मेरठ में उनके मुकाबले पर कोई प्रत्याशी नहीं था. गौरव चौधरी की आयु 32 वर्ष है और गांव है कुसैड़ी ब्लाक-जानी, शिक्षा-स्नातक, जर्मनी में व्यवसाय करते थे और पत्नी मोनिका जर्मनी में रहती हैं.
फिल्म स्वदेश की कहानी से मिलती-जुलती कहानी है निर्विरोध चुने गए जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी कुसैड़ी की. गौरव चौधरी मेरठ जिले के मूल निवासी हैं. वह करीब 15 साल से जर्मनी में रहकर बिजनेस कर रहे थे, अचानक उन्होंने फैसला किया कि मेरठ आकर कुछ किया जाए. पंचायत चुनाव से ठीक पहले वह वतन लौटे.
गांव आए तो लोगों की मदद शुरू कर दी. उसके बाद उन्होंने जिला पंचायत चुनाव लड़ने का फैसला किया. वार्ड-18 से चुनाव की तैयारी शुरू की. भाजपा से टिकट की दावेदारी की तो कुछ स्थानीय नेताओं ने विरोध भी किया. भाजपा में एंट्री के साथ टिकट मिल गया. उन्होंने फैसला किया कि अब वह जि़ला पंचायत सदस्य पद का चुनाव जीतकर जनता की सेवा करेंगे. उनका जर्मनी में अच्छा बिजनेस है. बावजूद इसके वह जिला पंचायत के चुनाव में उतरे. चुनाव लड़ा और गौरव चौधरी जिला पंचायत सदस्य बन गए.
बिजनेसमैन से जिला पंचायत अध्यक्ष बने गौरव चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आदर्श मानते हैं. गौरव का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की छवि को समूचे विश्व में बदलकर रख दिया है. विदेशों में भारतीयों का सिर गर्व से ऊंचा उठ गया है.
गौरव का फैमिली बैकग्राउंड हाई प्रोफाइल होने की वजह से उनके चुनाव लड़ने की खबर इलाके में चर्चा का विषय बनी रही. गौरव पढ़ाई करने के बाद जर्मनी चले गए. वहीं पर इंपोर्ट, एक्सपोर्ट और कंस्ट्रक्शन का काम शुरू किया. जर्मनी में रहते हुए अपने गांव समाज के लिए कुछ करना चाहते थे. इसी जज्बे ने उन्हें जिला पंचायत का पहले सदस्य बनाया. अब अध्यक्ष बनाकर जिले की सेवा का मौका दिया है. आज मेरठ के जिलाधिकारी ने गौरव चौधरी को जीत का सर्टिफिकेट दिया और गौरव चौधरी ने इसको सभी पार्टी कार्यकर्ताओं की जीत बताया और क्षेत्र में विकास की बात कही.