आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में एक चक्रवात तूफान निवार के गुजरने के बाद वहां समुद्र तट से आए मलबों में सोने के मोतियों की खबर से स्थानीय लोग हैरान रह गए. स्थानीय किंवदंती के अनुसार, प्राचीन मंदिर समय के साथ समुद्र के नीचे डूब गए और चक्रवात निवार के भूस्खलन के बाद हाई टाइड के दौरान उस मंदिर में मौजूद सोने के मोती किनारे पर आ गए हैं हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब रहस्य से भरे समुद्रों से इस तरह की कहानियां सामने आई हों. इससे पहले भी समुद्र में कई विचित्र और दुर्लभ चीजें मिल चुकी हैं.
60 और 70 के दशक में कई अपोलो रॉकेट्स को चांद पर भेजा गया था और इनमें से कई रॉकेट्स को बूस्ट करने के लिए कुछ इंजन समुद्र में समा गए थे और कई सालों तक लोग इन इंजनों को भूला चुके थे. लेकिन एमेजॉन के सीईओ जेफ बेजोस और उनके प्राइवेट फंड प्रोजेक्ट के द्वारा अपोलो के इन मून रॉकेट इंजनों को निकाला गया था. साल 2012 में इन्हें दो सालों के लिए रेनोवेशन के लिए भेजा गया था और अब इन इंजनों को अमेरिका के म्यूजियम ऑफ फ्लाइट्स में देखा जा सकता है.
1950 के दशक में इटली के मूर्तिकार ग्वीडो गैलेटी ने एक ईसा मसीह का स्टैचू बनाया था. साल 1954 में ये मूर्ति इटली में डूब गई थी. साल 2009 में अंडरवॉटर फोटोग्राफर स्टीफन वेयर ने अपनी खूबसूरत फोटोग्राफी के सहारे इस मूर्ति को एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया था.
कई लोगों को समंदर के अंदर नदी होने का भी भ्रम होता है लेकिन ये असली नहीं बल्कि ये एक दृष्टि संबंधी भ्रम होता है कुछ कुछ वैसा ही जैसा रेगिस्तान में लोगों को पानी देखने का धोखा होता है. ये एक बेहद दुर्लभ भ्रम है जो खारे पानी के फ्रेश पानी में बदलने के चलते पैदा होता है और समंदर में मौजूद डीप सी डाइवर्स को ऐसा लगता है कि वे एक समुद्र के अंदर ही एक नदी में तैर रहे हैं.
साल 1912 में 14 और 15 अप्रैल को टाइटैनिक नाम का जहाज एक आइसबर्ग से टकराकर डूब गया था. इस जहाज के बारे में कहा गया था कि ये कभी डूब नहीं सकता लेकिन अपनी पहली ही यात्रा पर इस जहाज के साथ त्रासदी हो गई थी. साल 1985 में फ्रांस और अमेरिकी संस्थाओं ने अभियान चलाते हुए टाइटैनिक के मलबे को समंदर के अंदर ढूंढ निकाला था हालांकि ये मलबा इतना संवेदनशील है कि इसे ऊपर लाने की कई कोशिशें नाकाम रही हैं और अब इसे यूनेस्को द्वारा प्रोटेक्ट किया जा रहा है.
मॉर्डन तकनीक के चलते आज के दौर में डीप सी डाइवर्स हाई क्वालिटी कैमरा को समंदर के काफी अंदर तक ले जाने में कामयाब रहे हैं. इसके चलते कई समंदर के कई अजीबोगरीब प्राणियों से भी इंसान का पाला पड़ चुका है. ऐसे ही एक विचित्र समुद्री प्राणी का नाम ब्लॉबफिश है जो समंदर की बेहद गहराईयों में ही पाया जाता है.
एलेक्जेंडरिया नाम के प्राचीन शहर पर मिस्त्र के फेरोआ क्लियोपेट्रा का राज था. माना जाता है कि कई प्राकृतिक आपदाओं के बाद ये शहर समंदर में समा गया था. 1600 सालों तक छिपे रहने के बाद इस शहर को साल 1998 में खोज निकाला गया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, पानी के अंदर मौजूद इस शहर को खास नुकसान नहीं पहुंचा है और इस जगह को अंडरवॉटर म्यूजिम में तब्दील करने की कोशिशें हो रही हैं.
इसके अलावा अक्सर कार, प्लेन और ट्रक के अवशेष भी समंदर में मिलते रहे हैं. साल 2011 में ओशन एक्स नाम की एक टीम ने बाल्टिक समंदर में चट्टान की संरचना को भी ढूंढा था जिसे लेकर विशेषज्ञों का दावा था कि ये एलियन्स की उड़नतश्तरी है. कई एक्सपर्ट्स ने ये भी कहा था कि ये नाजी जर्मन लोगों का अंडरवॉटर बेस हो सकता है हालांकि अब तक इस स्ट्रक्चर को लेकर आम सहमति नहीं बन पाई है.