भारतीय वायुसेना की ताकत अब और बढ़ने वाली है क्योंकि फाइटर जेट के बेड़े में तीन और राफेल विमान जुड़ने वाले हैं. फ्रांस से तीन लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी है जो 28 जनवरी को भारत पहुंच जाएंगे. ये तीनों राफेल फाइटर जेट नॉन स्टॉप फ्लाइंग करेंगे और यूएई में मिड एयर रिफ्यूलिंग (हवा में ईंधन भरना) के जरिए सीधे भारत में लैंड करेंगे. इन तीन राफेल विमानों के आ जाने के बाद देश में कुल राफेल फाइटर जेट की संख्या बढ़कर 11 हो जाएगी. इस बात की जानकारी फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास ने दी है. इससे पहले 4 नवंबर 2020 को भी नॉन स्टॉप उड़ान के बाद 3 राफेल लड़ाकू विमान अंबाला एयरबेस पहुंचे थे. भारत को सबसे पहले 29 जुलाई 2020 को पांच लड़ाकू विमानों की डिलिवरी फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन ने की थी.
बता दें कि इस गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर राफेल फाइटर जेट लोगों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र था. वर्टिकल चार्ली फॉर्मेशन बनाकर राफेल ने लोगों का दिल जीत लिया. आम आदमी से लेकर प्रधानमंत्री तक की नजरें उस वक्त आसमान में थी जब दुनिया का सर्वोत्तम फाइटर जेट हवा में अटखेलियां कर रहा था.
पहली खेप में आए राफेल फाइटर जेट को 10 सितंबर को वायुसेना में शामिल किया गया था. इस मौके पर भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा था कि 2023 तक सभी 36 राफेल जेट को वायु सेना में शामिल कर लिया जाएगा. भारत सरकार ने साल 2017 में फ्रांस से कुल 36 राफेल (Rafale) लड़ाकू विमान खरीदने का सौदा किया था. इस सौदे की कीमत करीब 59000 करोड़ है. राफेल विमानों का पहला बेड़ा अंबाला में तैनात है जबकि दूसरा बेड़ा बंगाल के हाशिमारा में तैनात किया जाएगा.
लद्दाख और गलवान घाटी में चीन से तनाव के बीच राफेल फाइटर जेट का महत्व भारतीय वायुसेना के लिए और बढ़ जाता है. बीते दिनों सीमा पर तनातनी के बीच राफेल विमानों ने LAC पर उड़ान भरी थी जिससे दुश्मन भी सकते में आ गए थे.
4.5 जेनरेशन का यह फाइटर जेट दुनिया में सबसे सफल और ताकतवर लड़ाकू विमान के तौर पर जाना जाता है. राफेल फाइटरजेट मेटयोर, स्कल्प, माइका जैसे मिसाइलों से लैस है. इन हथियारों की बदौलत राफेल फाइटरजेट हवा से हवा और हवा से जमीन पर दुश्मनों पर हमला करने में सक्षम है. यही नहीं, यह विमान एक साथ कई मिशन और हमलों को अंजाम दे सकता है जिस वजह से इसे बेहद खतरनाक माना जाता है.