अवधेश दुबे जेल में जैसे ही नारायण साईं से मिले, उनके सामने दंडवत हो गए. दुबे ने साईं से कहा, "मैं आपसे मिलने ही जेल आया हूं. मुझे आपको बाहर निकालना है." साईं ने दुबे को उठाते हुए कहा, "यदि मुझे छुड़ाना है तो बाहर जाओ, मेरे लिए आंदोलन करो, आक्रोश फैलाओ, मीडिया का सहारा लो ताकि मैं छूट सकूं."