गुजरात की ट्रांसवुमन डॉक्टर जेसनूर दायरा का जन्म एक पुरुष के तौर पर हुआ था. पर अब वो खुद को एक महिला मानती हैं और अपना सेक्स चेंज कराने वाली हैं. लेकिन ऐसा करने से पहले उन्होंने अपना सीमन फ्रीज कराकर सुरक्षित रखवा दिया है.
(फोटो- डॉक्टर जेसनूर दायरा)
इस साल के आखिर में डॉक्टर जेसनूर दायरा अपना सेक्स चेंज कराकर महिला बनना चाहती हैं. ऐसा करने से उनका मां बनने का सपना पूरा होगा. ये बच्चा जैविक तौर पर उन्हीं का होगा क्योंकि पिता के तौर पर यह उनके सीमन में मौजूद स्पर्म से जन्म लेगा. इस स्पर्म का डोनर एग के साथ मिलन कराकर सरोगेट मां के गर्भ में प्लांट किया जाएगा. बच्चे के जन्म के बाद दायरा इसे गोद लेंगी और मां की तरह पालेंगी.
डॉक्टर जेसनूर दायरा चाहती हैं कि अपने सीमन के जरिए पैदा होने वाले बच्चे की देखभाल वो मां की तरह करें. बचपन से ही उन्हें अहसास था कि उनका शरीर भले ही पुरुष का हो लेकिन मन से वह महिला ही हैं. लेकिन उन्होंने अपने परिवार को यह कभी नहीं बताया. वह नहीं चाहती थीं कि घर वाले बेवजह परेशान हों.
भारत में उन्हें ऐसा करने में दिक्कत आएगी. सरोगेसी विधेयक 2019 के तहत कोई अविवाहित पुरुष, एलजीबीटी कपल या लिव-इन में रहने वाले सरोगेसी की मदद नहीं ले सकते. अभी इसे राज्यसभा और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलनी बाकी है.
डॉक्टर दायरा ने हाल ही में रूस की एक यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री ली है. वह गुजरात की पहली ट्रांसवुमन डॉक्टर हैं, उनका जन्म गोधरा में हुआ था. लेकिन जब दायरा विदेश पढ़ने गईं तो उन्हें अपनी पहचान और भावनाओं को सबसे सामने लाने की हिम्मत मिली. उनका कहना है, 'उन्होंने अपने असली स्वरूप को पहचाना और एक महिला की तरह रहने की हिम्मत दिखाई.'