कार रेस, बाइक रेस और तमाम तरह की रेस के युग में उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिले में 'बैल गाड़ी रेस' की अनोखी प्रतियोगिता होती है. जिसमें कई बैल गाड़ियां हिस्सा लेती है और बैलों की ताकत आजमाइश होती है. (हमीरपुर से नाहिद अंसारी की रिपोर्ट)
बैल गाड़ी प्रतियोगिता 40 सालों से चली आ रही है. इसमें बुंदेलखंड के सातों जिलों सहित और भी कई जिलों के किसान अपनी बैल गाड़ियां लेकर आते है. इस प्रतियोगिता के फाइनल में 5 बैलगाड़ी पहुंचीं.
इस प्रतियोगिता को देखने हज़ारो की संख्या में किसान मोटरसाइकिल से आये. दौड़ में किसी तरह की चीटिंग न हो इसके लिए सैंकड़ों बाइक बैल गाड़ियों के आगे पीछे दौड़ती दिखीं.
इस प्रतियोगिता में प्रथम विजेता को पुरुस्कार के रूप में चांदी की शील्ड और साइकिल, दूसरे विजेता को फ्रिज़ और तीसरे विजेता को एलईडी टीवी दिया गया.
दौड़ में हिस्सा लेने वाले किसानों का कहना था कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए लोग अपने जानवरों को साल भर अच्छा खाना खिलाते हैं ताकि जानवर चुस्त-दुरुस्त रहेंं और फाइनल जीत सकें.