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अपहरण: 'पति को जिंदा या मुर्दा भेज, नहीं तो तेरे बच्चे की मुंडी भेज दूंगी'

अपहरण: 'पति को जिंदा या मुर्दा भेज, नहीं तो तेरे बच्चे की मुंडी भेज दूंगी'
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उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में वैसे तो कई अपहरण केस चर्चा का विषय बने हुए हैं लेकिन कानपुर में एक महिला ने तीन साल के मासूम के अपहरण की ऐसी अनोखी वारदात को अंजाम दे दिया जैसी शायद ही कभी सुनी होगी.
अपहरण: 'पति को जिंदा या मुर्दा भेज, नहीं तो तेरे बच्चे की मुंडी भेज दूंगी'
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इस महिला ने अपने पति को पाने के लिए उसकी परिचित महिला के तीन साल के मासूम बेटे का अपहरण कर लिया. इतना ही नहीं, इसने बच्चे की मां को फोन करके अपने पति की ही फिरौती मांग डाली. महिला ने धमकी देते हुए कहा कि मेरे पति को ज़िंदा या मुर्दा भेजो, नहीं तो तेरे बेटे की मुंडी तुझे भेज दूंगी. दो दिन पहले हुए इस अजीबोगरीब अपहरण कांड का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा करते हुए बच्चे को सकुशल बचा लिया.
अपहरण: 'पति को जिंदा या मुर्दा भेज, नहीं तो तेरे बच्चे की मुंडी भेज दूंगी'
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आरोपी मंशा गुप्ता ने 28 जुलाई को शिवानी गुप्ता के तीन साल के मासूम बेटे मृत्युंजय का अपहरण कर लिया था. बच्चे का अपहरण करने के बाद उसने मंशा गुप्ता को फोन करके धमकी दी थी कि इधर मेरा पति घर आएगा, नहीं तो तेरे बच्चे की मुंडी तेरे घर आएगी.
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दरअसल, मंशा गुप्ता कानपुर के बर्रा इलाके में रहती है. मंशा गुप्ता ने प्रह्लाद नाम के युवक से दूसरी शादी की है. उसके पति का शिवानी के यहां आना जाना है. इस नजर से मंशा को शक होता था कि शिवानी से उसके पति का कुछ ख़ास मतलब है.

28 जुलाई को मंशा की किसी बात पर पति से लड़ाई हो गई तो प्रह्लाद ने मंशा की पिटाई कर दी और उसका मोबाइल लेकर घर से चला गया. मंशा को लगा उसका पति शिवानी के घर ही गया है. वह तुरंत शिवानी के घर पहुंची लेकिन घर पर उसे न शिवानी मिली न उसका पति. तो मंशा ने तीन साल के बच्चे का ही अपहरण कर लिया.
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मंशा गुप्ता ने बच्चे का अपहरण करने के बाद जिस क्रूरता से शिवानी को धमकी दी थी उसी शातिर अंदाज में वह छत्तीस घंटे तक बच्चे को पुलिस से बचाकर घूमती रही. पहले उसकी लोकेशन उन्नाव जिले में अपने पिता के घर मिली लेकिन पुलिस वहां पहुंच, उससे पहले वह रायबरेली भाग गई. पुलिस रायबरेली पहुंची तो वह दूसरे रास्ते से कानपुर लौट आई. 
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इस दौरान पुलिस उसकी पूरी लोकेशन न जान पाए इसके लिए वह बीच-बीच में फोन स्विच ऑफ कर देती थी. गुरुवार दोपहर किसी ने उसे दामोदर नगर के पास बच्चे के साथ पहचान लिया जिसकी सूचना पुलिस को दे दी. पुलिस ने वहीं से उसे गिरफ्तार कर लिया.

पकड़े जाने के बाद अब मंशा सफाई दे रही है कि पति मुझे लड़कियां पैदा करने पर मारता था. मैंने पति से फोन पर कहा था कि मेरा फोन दिला दो, जो हो गया सो हो गया तो उन्होंने कहा कि तुम बच्चा लेकर गई हो, उसका बच्चा दे दो.

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एसपी साऊथ ने बताया कि बच्चे का अपहरण करने के बाद उसने मंशा गुप्ता को फोन करके धमकी दी थी कि इधर मेरा पति घर आएगा, नहीं तो तेरे बच्चे की मुंडी आएगी.


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