बड़े-बड़े नेता, अभिनेता हेलिकॉप्टर से सफर करके जब कहीं पहुंचते हैं, तो उन्हें देखने के लिए भीड़ उमड़ती हुई देखी होगी, लेकिन यूपी के बरेली में महिला ग्राम प्रधान हेलिकॉप्टर से ससुराल पहुंची, तो किसी बड़े नेता या अभिनेता की तरह उन्हें देखने के लिए भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी हुई थी. हैलिपेड के आसपास पुलिस के जवान भी मुस्तैद दिखाई दिए.
उत्तर प्रदेश के बरेली में आंवला कस्बे में महिला प्रधान हेलिकॉप्टर से अपनी ससुराल पहुंची, तो उन्हें देखने के लिए गांव वालों की भीड़ उमड़ पड़ी. नई नवेली दुल्हन से मिलने की उत्सुकता इसलिए भी थी, क्योंकि चुनाव जीतने के बाद वह पहली बार गांव में आई. कोर्ट मैरिज के बाद सुनीता वर्मा ने ससुराल से चुनाव लड़ा और अच्छे मतों से जीत भी दर्ज की थी.
दरअसल बरेली के रामनगर कस्बे के गांव आलमपुर कोर्ट की प्रधान सीट कई बार पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रीपाल सिंह लोधी के परिवार में रही है. उनके बेटे उमेन्द्र की शादी की तारीख पंचायत चुनाव के बाद की पड़ी, लेकिन चुनाव के चलते उन्होंने बेटे की कोर्ट मैरिज कर अपनी पुत्रवधू सुनीता को चुनाव लड़ा दिया. सुनीता वर्मा सिर्फ पर्चा भरने आईं, बाकी प्रचार उनके ससुराल पक्ष के लोगों ने किया और वो चुनाव जीत गईं.
चुनाव जीतने के बाद उन्होंने अपनी पुत्रवधू सुनीता को शाही तरीके से मायके से विदा कर लाने का मन बनाया. उन्होंने चार लाख रुपये खर्च कर के हेलिकॉप्टर से अपनी प्रधान पुत्रवधू को गांव में हेलिकॉप्टर से लैंड कराया. हेलिपैड पर प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था रही.
विदाई से पहले आलमपुर कोर्ट की प्रधान चुनी गई सुनीता के आने की खबर से आसपास के गांव के लोगों की भीड़ जुटी हुई थी. लोग उत्साहित इसलिए भी थे, क्योंकि पहली बार प्रधान बनी दुल्हन हेलिकॉप्टर से गांव आ रही थी.
प्रधान सुनीता वर्मा के पति ओमेंद्र सिंह लोधी ने कहा की मेरी बचपन से इच्छा थी कि मैं हेलिकॉप्टर में सफर करूं. मेरी इच्छा मेरे पापा ने पूरी की. अपने माता-पिता का सदा आभारी रहूंगा. जब भी मैंने कोई चीज अपने माता-पिता से मांगी है, कभी भी इनकार नहीं किया.