मेरठ के श्मशान घाट पर बीते दिनों चिता की राख लोगों के घरों तक पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.जब नगर आयुक्त श्मशान घाट का अवलोकन करने पहुंचे तो मोहल्ले के लोगों ने हंगामा कर दिया. स्थानीय निवासियों का कहना है कि या तो डेड बॉडी श्मशान घाट के अंदर ही फूंकी जाए या फिर नई व्यवस्था वाले शव जलाने वाले की जगह बड़ी टीन लगाई जाए.
श्मशान घाट पर पहुंचे लोगों का आरोप है कि दूसरे ज़िलों की डेड बॉडीज़ इस श्मशान घाट पर न जलाई जाएं. महिलाओं ने घर पर चिता की राख दिखाते एक और वीडियो वायरल किया. महिलाओं का कहना है कि छतों से जलती हुई चिताएं देखकर उनके बच्चे बीमार हो रहे हैं.
अब एक और नया वीडियो वायरल हुआ है जिसमें महिलाएं घर तक पहुंच रही चिता की राख को दिखाती नज़र आ रही हैं. वीडियो में नज़र आ रहा है कि कुछ बच्चे माथे पर पट्टी रखकर लेटे हुए हैं. महिलाओं का कहना है कि चिता की राख से उनके बच्चे बीमार हो रहे हैं.
मेरठ के सूरजकुंड श्मशान घाट पर शवों की संख्या बढ़ने पर नगर निगम ने अतिरिक्त ज़मीन पर दाह संस्कार शुरु करा दिया है. लेकिन ये नई व्यवस्था श्मशान घाट के आसपास रहने वाले लोगों को बिलकुल रास नहीं आ रही है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिना शेड और दीवार ऊंची किए शव जलने से चिता की राख उनके घरों तक पहुंच रही है जिससे उनका उठना बैठना खाना-पीना दूभर हो गया है.
मोहल्ले वालों का कहना है कि बच्चे इतने डरे सहमे रहते हैं कि उन्होंने अब छतों पर आना छोड़ दिया है. इस समस्या को लेकर गुहार लगा रहे लोगों को जब कुछ नहीं सूझा तो उन्होंने चिताओं का वीडियो बनाया अपनी समस्या बताई और वायरल कर दिया.