2 जुलाई की रात को कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के 6 दिन बाद विकास दुबे की जिस तरह से गिरफ्तारी हुई है वो कम फिल्मी नहीं है. इस गिरफ्तारी से कई सवाल भी उठे हैं. ऐसा लग रहा है कि ये गिरफ्तारी महज इत्तेफाक नहीं है, बल्कि इसके पीछे विकास दुबे और उसके साथियों की सोची-समझी चाल है.
मिली जानकारी के मुताबिक, विकास दुबे गुरुवार सुबह ही महाकाल मंदिर पहुंचा. उसने दर्शन किए, फिर गार्ड को बताया कि मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. फिर विकास दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान वह चिल्लाता रहा कि मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला.