रूढ़िवादी परम्पराओं के नाम पर गुना जिले में एक आदिवासी महिला को तालिबानी सजा के दौर से गुजरना पड़ा. तालिबानी सजा मुकर्रर की गई खुद शिवराज सरकार के पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के विधानसभा क्षेत्र में, जहां एक आदिवासी महिला को खुलेआम बेइज्जत किया गया. (गुना से विकास दीक्षित की रिपोर्ट)
दरअसल पूरा मामला सिरसी थाना क्षेत्र के गांव से जुड़ा हुआ है. आदिवासी महिला को कुछ समय पहले उसके पहले पति ने छोड़ दिया था. पति द्वारा त्यागे जाने के बाद महिला दूसरे गांव में जाकर अन्य व्यक्ति के साथ शादीशुदा जीवन में रहने लगी. लगभग 1 महीने तक दूसरे पति के साथ रहते हुए महिला अपने जीवन में खुश थी. पत्नी की ख़ुशी उसके पहले पति को नागवार गुजरी. महिला के पहले पति और उसके परिजनों ने महिला के घर पहुंचकर उसके साथ मारपीट कर दी.
आरोपी पति और उसके बड़े भाई व पिता ने मिलकर महिला का जुलूस पूरे गांव में निकाला. तालिबानी सजा सुनाते हुए महिला के कंधे पर एक बच्चे को बैठाया गया और लगभग 3 किलोमीटर तक पैदल मार्च कराया गया. इस दौरान महिला को क्रिकेट के बल्ले और लकड़ी से बुरी तरह पीटा भी गया.
पीड़ित महिला को जब सजा दी जा रही थी, उस वक्त महिला का दूसरा पति घर पर मौजूद नहीं था. घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने भी महिला की मदद करने की जगह उसका वीडियो बनाया. महिला के साथ मारपीट करने वाला ये वीडियो 9 फरवरी का बताया जा रहा है जो खूब वायरल हो रहा है. इस मामले में सिरसी पुलिस ने पहले पति समेत 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. तीन आरोपी गिरफ्तार भी किये गए हैं, वहीं 1 आरोपी फरार बताया जा रहा है.
जिले के पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि वायरल वीडियो 5 दिन पुराना है. आदिवासी समाज में परंपरा के नाम पर महिला के साथ दुर्व्यवहार किया गया जो निंदनीय कृत्य है. इस पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है. 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, एक अन्य अभी फरार है जिसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.