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जब चीन की 'बैट वुमेन' ने दी चेतावनी, 'और भी खतरनाक महामारी के लिए रहें तैयार'

प्रतीकात्मक तस्वीर
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पूरी दुनिया को झकझोर देने वाली कोरोना वायरस महामारी को करीब एक साल हो चला है. हालांकि वैक्सीन की राह देख रही दुनिया के लिए चीन की वायरोलॉजिस्ट शी जेंगली का संदेश है कि अगर सावधानियां नहीं बरती गई तो कोरोना से भी खतरनाक महामारियों का सामना करना पड़ सकता है.  

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जानवरों में बीमारियों को लेकर रिसर्च के चलते शी को बैट वुमेन भी कहा जाता है. वे उस समय चीन के वुहान शहर में ही काम कर रही थीं जब कोरोना वायरस का पहला केस सामने आया था. चीन के टीवी नेटवर्क सीएचटीएन के साथ बातचीत में उन्होंने बताया था कि जहां दुनिया कोरोना महामारी से संघर्ष कर रही है वही नए और कोरोना से कहीं अधिक वायरस भी डिस्कवर किए जा रहे हैं.

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शी ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि अगर हम लोगों को अगली खतरनाक महामारी से बचाना चाहते हैं तो हमें पहले से ही इन अंजान वायरस के बारे में जानकारी हासिल करनी होगी जो जंगली जानवरों द्वारा फैलाए जाते हैं और लोगों को इस बारे में पूर्व सूचनाएं उपलब्ध करानी होंगी. अगर हम इनके बारे में जानकारी नहीं जुटाते हैं और इनकी स्टडी नहीं करते हैं तो अगली महामारी की आशंका काफी बढ़ जाएगी.
 

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शी ने ये भी कहा कि दुनिया के देशों को जूनोटिक बीमारियां यानि वो बीमारियां जो जानवरों से इंसानों में पास होती है, उन पर अपनी रिसर्च को बढ़ाना चाहिए और इसे बहुत ज्यादा प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि अगर साइंस का राजनीतिकरण होता है तो ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण होगा और महामारी के खिलाफ इंटरनेशनल स्तर पर आपसी सहयोग की जरूरत है.

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पिछले साल दिसंबर के महीने में इस वायरस का पहला केस सामने आया था लेकिन साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, कोरोना का पहला केस 55 साल का एक शख्स था जिसमें 17 नवंबर को कोरोना के लक्षण दिखने शुरू हुए थे. इसके बाद केसों के बढ़ने का दौर शुरू हुआ था जिसके बाद 8 दिसंबर को चीन की सरकार ने वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन को इस बारे में सूचित किया था. इस साल अक्तूबर के महीने में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने भी चेतावनी देते हुए कहा था कि कोरोना वायरस दुनिया की आखिर हेल्थ इमरजेंसी नहीं होने जा रही है. 

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