दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की मौत की जांच अभी जारी है. पूरे परिवार के सामूहिक आत्महत्या करने की आशंका भी जताई जा रही है. कई रिपोर्टों में इसे धर्मांधता से भी जोड़ा जा रहा है. ऐसे में बुराड़ी की यह घटना राजस्थान के एक परिवार की याद दिलाती है जहां 'भगवान शिव' से मिलने के नाम पर 8 लोगों ने जहर खा लिया था. आठ में से 5 की मौत हो गई थी. (Photo: File Photo/Getty Images)
जयपुर से 160 किलोमीटर दूर सवाई माधोपुर के गंगापुर शहर में रहने वाले 45 साल के कंचन सिंह और उनके परिवार ने मार्च 2013 में जहर खा लिया था. उनका मानना था कि ऐसा करने से वे स्वर्ग पहुंच जाएंगे और भगवान शिव से उनकी मुलाकात होगी. (प्रतीकात्मक फोटो- Getty Images)
पांच मरने वालों में तीन किशोर थे जिनकी उम्र 10 से 16 साल थी. वहीं आठ में से बचे तीन लोगों की हालत खराब हो गई थी जिन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया था.
पुलिस को तब जांच में एक पर्सनल कैमरा में पूरी घटना का वीडियो भी मिला था. वीडियो में परिवार के सदस्य ये बात कर रहे थे कि अगर वे जिंदा रह गए तो भगवान शिव से मिलने से वंचित रह जाएंगे.
उन्होंने खून से शिव की एक मूर्ति को नहाया भी था. उन्होंने खून से सनी चीजों से आहूति भी दी थी. इसके बाद पूरे परिवार ने जहर मिला हुआ लड्डू खा लिया था. (प्रतीकात्मक फोटो- Getty Images)
कंचन सिंह खुद को भगवान शिव का भक्त मानते थे. घटना में उनकी पत्नी, मां, बेटी, बेटा, छोटा भाई, भतीजा-भतीजी की मौत हो गई थी. (प्रतीकात्मक फोटो- Getty Images)
उनका भाई दीप सिंह दिल्ली में एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम करते थे और उस वक्त हवन में भाग लेने के लिए घर आए हुए थे. कंचन सिंह फ्रीलांस फोटोग्राफर के रूप में काम करते थे. (प्रतीकात्मक फोटो- Getty Images)
पुलिस ने बताया था कि वीडियो में कंचन सिंह और परिवार के अन्य सदस्य हंसते हुए नजर आए थे. उन्होंने कहा था कि बीते 5 साल में उन्होंने खून से 3100 बार शिव की मूर्ति को नहलाया है. वे इंजेक्शन से शरीर से खून निकालते थे. (प्रतीकात्मक फोटो- Getty Images)