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दिल्ली-NCR से दोगुना बड़ा आइसबर्ग समुद्र में टूटा, 20 लाख जीवों पर मंडरा रहा खतरा

Iceberg A68a dangerous for 20 lakh penguins
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अंटार्कटिका से अलग हुआ एक अत्यधिक बड़ा आइसबर्ग समुद्र में एक रिहायशी द्वीप की तरफ आगे बढ़ रहा है. हालांकि इस द्वीप पर 20 लाख से ज्यादा पेंग्विंस रहते हैं. अगर यह आइसबर्ग यानी हिमशैल इस द्वीप के पास जाकर रुक गया तो इन पेंग्विंस के लिए जिंदगी और मौत का सवाल उठ जाएगा. आइए जानते हैं यह कौन सा आइसबर्ग है? इसकी वजह से 20 लाख पेंग्विंस को क्यों खतरा पैदा हो रहा है? (फोटोः एपी)

Iceberg A68a dangerous for 20 lakh penguins
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इस विशालकाय आइसबर्ग का नाम है A68a. यह अंटार्कटिका के सबसे बड़े आइससेल्फ लार्सेन-सी से जुलाई 2017 में अलग हुआ था. तब से यह समुद्र में तैर रहा है. जब यह अलग हुआ था तब इसका आकार 5664 वर्ग किलोमीटर का था. यानी सिक्किम राज्य के क्षेत्रफल (7096 वर्ग KM) से थोड़ा ही छोटा था. फिलहाल इसका आकार 2606 वर्ग किलोमीटर बचा है. यानी इसमें लगभग दो दिल्ली-एनसीआर आ जाएं. (फोटोः एपी)

Iceberg A68a dangerous for 20 lakh penguins
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Iceberg A68a अंटार्कटिका से अलग होते समय 285 मीटर मोटा था. लेकिन अब इसकी मोटाई करीब 50 मीटर कम हो गई है. यह आइसबर्ग इस समय अटलांटिक महासागर में मौजूद दक्षिण जॉर्जिया द्वीप की तरफ बढ़ रहा है. इसके मूवमेंट पर यूरोपीय स्पेस एजेंसी के सेंटीनल, क्रायोसैट और अमेरिका का आइससैट-2 उपग्रह नजर रखे हुए हैं. (फोटोः एपी)

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Iceberg A68a dangerous for 20 lakh penguins
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आपको बता दें कि दक्षिण जॉर्जिया द्वी पर 20 लाख से ज्यादा पेंग्विंस और सील्स रहते हैं. अगर Iceberg A68a दक्षिण जॉर्जिया के तट पर जाकर रुक जाता है तो इन लाखों पेंग्विंस और सील्स को खाने-पीने की दिक्कत हो जाएगी. क्योंकि Iceberg A68a जितना समुद्र के बाहर दिखता है, उससे ज्यादा समुद्र के अंदर है. यह समुद्र में इतना बड़ा इलाका घेर लेगा कि पेंग्विंस और सील्स उतने बड़े इलाके में खाना नहीं खोज पाएंगे. (फोटोः एपी)

Iceberg A68a dangerous for 20 lakh penguins
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दुनिया भर के पर्यावरणविद इस बात को लेकर चिंतित है कि Iceberg A68a की वजह से दक्षिण जॉर्जिया का वाइल्डलाइफ खत्म होने की कगार पर आ जाएगा. क्योंकि यही समय है पेंग्विंस और सील्स के प्रजनन का. इस आइसबर्ग की निगरानी के लिए रॉयल एयरफोर्स के विमान भी उड़ान भर रहे हैं. (फोटोः एपी)

Iceberg A68a dangerous for 20 lakh penguins
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यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के सेंटर फॉरर पोलर ऑब्जरवेशन एंड मॉडलिंग के अनुसार Iceberg A68a तीन बड़े टुकड़े में बंटा है. एक छोटा टुकड़ा अलग होकर आगे-आगे चल रहा है. वैज्ञानिकों को पूरी आशंका है कि यह आइसबर्ग दक्षिण जॉर्जिया के द्वीप पर जाकर फंस सकता है. अगर किसी तरह समुद्री तूफान आए या हरिकेन तो शायद इसका रास्ता बदल जाए. (फोटोः एपी)

Iceberg A68a dangerous for 20 lakh penguins
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फिलहाल ये साउदर्न अंटार्कटिक सर्कमपोलर करेंट फ्रंट में फंसा है. यानी यहां पर अटलांटिक महासागर की लहरें काफी तेज चलती है. इस वजह से ये आइसबर्ग दक्षिण जॉर्जिया की तरफ तेजी से जा रहा है. वैज्ञानिक फिलहाल Iceberg A68a पर नजर रखे हुए हैं. इसे समुद्र के पानी में पिघलने में कई महीनों का समय लगेगा तब तक पेंग्विंस और सील्स को खाने के लाले पड़ जाएंगे. (फोटोः एपी)

Iceberg A68a dangerous for 20 lakh penguins
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Iceberg A68a फिलहाल 2.5 सेंटीमीटर प्रतिदिन की दर से पिघल रहा है. यानी हर दिन यह 767 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड साफ पानी समुद्र में जोड़ रहा है. यह इतना पानी है जितना इंग्लैंड की थेम्स नदी से प्रति सेकंड बहता है. वैज्ञानिकों को आशंका है कि यह Iceberg A68a निकट भविष्य में दक्षिण जॉर्जिया के वाइल्डलाइफ को खत्म कर सकता है. (फोटोः एपी) 

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