देश में सीटी बजाकर किसी को बुलाना या इशारा करना बेहद खराब माना जाता है. अगर ये काम महिलाएं या लड़की करें तो उन्हें और भी बुरी नजर से देखा जाता है. लेकिन छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में महिलाएं भी सिटी बजाती हैं और रोज बजाती हैं, वजह सुनकर आप हैरान हो जाएंगे.
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छत्तीसगढ़ के कोरिया बैकुंठपुर नगरपालिका इलाके में रोज सुबह 7:00 से 8:00 बजे के बीच महिला सफाई कर्मचारियों के आने का संकेत सीटी बजाने से होता है महिलाओं के सीटी बजाने से लोगों को यह पता चल जाता है कि सफाई वाली दीदी कचरा वाली गाड़ी को लेकर उनके द्वार उनके घर पहुंच चुकी है.
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नगर पालिका बैकुंठपुर मिशन क्लीन सिटी द्वारा संचालित सफाई व्यवस्था के सफाई कर्मचारी के सफाई कार्य में लगी महिलाएं उस वक्त तक सीटी मारते रहती हैं, जब तक कि घर में रह रहे लोग कचरे की बाल्टी, बोरी, छोले, पन्नी लेकर बाहर ना आ जाए.
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शहर में चल रहे मिशन क्लीन सिटी से कई महिलाएं जुड़ी हैं जिन्हें नाम दिया गया है स्वच्छता मित्र. शहर को साफ सुथरा रखने में इन स्वच्छता मित्रों का अहम योगदान है. ये स्वच्छता मित्र चेहरे पर मुस्कान लिए गंदगी साफ करती हैं. स्वच्छता मित्र बनने से इन महिलाओं को रोजगार भी मिला है.
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कोरोना वायरस को देखते हुए ये स्वच्छता मित्र लोगों को साफ- सफाई रखने के बारे में लगातार जागरूक करती हैं. लोगों को समझाती हैं कि सड़क पर किसी तरह का कूड़े को इकट्ठा न होनें दे. घर को कैसे समय-समय पर सैनेटाइज किया जाए इसके बारे में भी वो लोगों को घर-घर में जाकर अहम जानकारियां देती हैं.