
हमेशा से पौराणिक कथाओं, लोककथाओं और यहां तक कि बाइबल भी कहा जाता है कि एक समय में विशाल और जरूरत से ज्यादा लंबे- चौड़े इंसान पृथ्वी पर घूमा करते थे. इन दावों को सच साबित करते कई सबूत भी मिलते रहे हैं. हाल में एक बार फिर अमेरिकी राज्य नेवादा की गुफा में असाधारण मानव अवशेष पाए गए हैं, जिनमें से कुछ कंकाल 10 फीट तक ऊंचे हैं. ये अपने आप में हैरान करने वाला है क्योंकि साधारणत: इंसान की लंबाई 5 से 6 फीट होती है. इससे अधिक लंबाई के लोग बामुश्किल ही पाए जाते हैं और 10 फीट तो बहुत अधित है.
10 फीट की लंबाई और लाल रंग के बाल
उनकी 10 फीट की लंबाई के साथ-साथ, ममी बनाए गए शवों के लाल रंग के बाल भी पाए गए हैं. इसने युगों से चली आ रही उस थ्योरी को सपोर्ट किया है, कि मनुष्यों की एक लंबे समय से भूली हुई नस्ल दक्षिण पश्चिम अमेरिका में थी. हजारों साल पहले से नेवादा क्षेत्र में बसने वाली जनजाति पाइयूट के अनुसार, सी-ते-काह कहे जाने वाले लाल बालों वाले कुछ नरभक्षी, एक दूर के द्वीप से अमेरिका आए थे.
गुफा में पहले मिली अजीब चीजें
माना जाता है कि सी-ते-काह ने नरकट से बने राफ्ट पर समुद्र पार किया था. उन्हें सामान्य इंसान की तुलना में लंबे, मजबूत और क्रूर माना गया था. फिर, 1911 में, बैट गुआनो (उर्वरक में एक प्रमुख घटक) के लिए खुदाई करते समय नेवादा के लवलॉक शहर के पास एक गुफा में, कुछ माइनर्स ने कई अजीब वस्तुओं का पता लगाया.
15 इंच लंबी सैंडल भी मिलीं
इसके बाद 1912 और फिर 1924 में दो ऑफीशियल एक्सकेवेशन शुरू किए गए, जिसके दौरान हजारों कलाकृतियां बरामद की गईं. चौंका देने वाली खोजों में लवलॉक जायंट्स नाम की ममी भी थीं, जिनकी लंबाई आर्कियोलॉजी वर्ल्ड के अनुसार 8 से 10 फीट के बीच थी. उन्हें 15 इंच लंबी सैंडल भी मिलीं जिन पर घिसाव के निशान थे और एक शिला पर नक्काशी की गई थी जो एक विशाल हाथ की छाप प्रतीत होती है.
सूखी झील के तल में दो विशाल कंकाल
दूसरी खुदाई के तुरंत बाद, 1931 में, स्थानीय समाचार पत्र नेवादा रिव्यू-माइनर में प्रकाशित एक आर्टिकल में दावा किया गया कि लवलॉक के करीब एक सूखी झील के तल में दो विशाल कंकाल पाए गए थे. इन अवशेषों की ऊंचाई क्रमशः 8.5 और 10 फीट मापी गई थी. ये प्राचीन मिस्रवासियों द्वारा अपनाए गए तरीके के समान ममीफाई किए गए थे. इन अजीब लोगों के बारे में अमेरिका में बहुत सी मान्यताएं फैली हुई हैं.
'इनके घुटनों तक ही आ सकेगा इंसान'
इसी कड़ी में सोलहवीं शताब्दी में, पेड्रो सीज़ा डी लियोन नामक एक स्पेनिश शख्स ने इन लोगों के एग्जिस्टेंस के बारे में एक प्राचीन पेरूवियन कहानी बताई थी. अपने लेख में, डी लियोन ने लिखा था कि ये लोग बड़ी नावों की तरह नरकटों के बेड़ों में समुद्र के रास्ते आए थे. इनमें से कुछ इतने लंबे थे कि आम इंसान इनके घुटनों तक ही आ सकेगा.
इसके अलावा, पेरू और बोलीविया के बीच एंडीज में ऊंचे स्थान पर लम्बी खोपड़ी वाले कंकाल पाए गए हैं. कहा जाता है कि ये अवशेष लगभग 3,000 साल पुराने हैं और सामान्य मनुष्यों की तुलना में बहुत बड़े हैं. दिलचस्प बात यह है कि उनमें से कुछ लाल रंग के बाल भी पाए गए हैं. आर्किलॉजी वर्ल्ड के अनुसार, कुछ वैज्ञानिक इस लाल रंग का श्रेय उस वातावरण को देते हैं जिसमें शवों को दफनाया गया होगा. हालांकि, अन्य लोग इसे सी-ते-का और उनके रिश्तेदारों के अस्तित्व के प्रमाण के रूप में देखते हैं.