मुंबई की एक अदालत ने सन् 2007 में अदनान पात्रावाला के अपहरण और हत्या मामले के चार अभियुक्तों को सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया और इस फैसले को पीड़ित के प्ररिजनों को ‘आहत’ करने वाला बताया है.
सत्र अदालत ने सबूतों के अभाव तथा अभियोजकों की मामले को साबित करने में विफलता को देखते हुए 25 से 31 साल की उम्र के बीच के चार युवकों सुजीत नायर, आयूष भट, राजीव
धाराइया और अमित कौशा को बरी कर दिया जबकि पांचवा अभियुक्त की सुनवाई बाल न्यायालय कर रहा है.
एक व्यवसायी के बेटे पात्रावाला का 19 अगस्त 2007 में उपनगरीय इलाके अंधेरी से कथित तौर पर उसके पांच मित्रों ने तब अपहरण किया जब वह अपने पिता के स्कोडा कार में मलाड
स्थित माल में उनसे मिलने गया. ये पांचों एक सोशल नेटवर्किंग साइट से अदनान के मित्र बने थे. अदनान के मित्रों ने उससे उपनगरीय इलाके कांदिवली चलने को कहा. उन्होंने कथित तौर पर उसके ड्रिंक में कुछ मिलाया.