सीबीआई ने कहा है कि वह सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह द्वारा एक सेवारत लेफ्टिनेंट जनरल के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच नहीं करेगी, क्योंकि कैबिनेट सचिवालय की ओर से पहले ही की जा चुकी व्यापक जांच में आरोपों में कोई सच्चाई नहीं मिली है.
जनरल वीके सिंह ने मंगलवार को सीबीआई को एक शिकायती पत्र भेजा था, जो तृणमूल कांग्रेस के सांसद अंबिका बनर्जी ने पिछले साल मई में लिखा था. इसमें लेफ्टिनेंट जनरल दलवीर सिंह सुहाग के कार्यकाल के दौरान स्पेशल फ्रंटीयर फोर्स के लिए खरीदी में भ्रष्टाचार का आरोप है. लेफ्टिनेंट जनरल सिंह उस समय इसके महानिरीक्षक थे.
लेफ्टिनेंट जनरल सुहाग अब दीमापुर स्थित 3 कोर की कमान संभालते हैं और सेना प्रमुख बनने की कतार में लेफ्टिनेंट जनरल विक्रम सिंह के बाद हैं.
सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि कैबिनेट सचिवालय ने पिछले साल मुद्दे की जांच की है और कोई खामी नहीं पाई गयी इसलिए उसके द्वारा एक और जांच की जरूरत नहीं है. एसएफएफ रॉ के अधीन काम करता है, जिसका नियंत्रण कैबिनेट सचिवालय के पास होता है.
सूत्रों ने बताया कि सांसद ने अनेक वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का नाम लेकर आरोप लगाया था कि बल के लिए कई अहम उपकरणों की आपूर्ति से जुड़े सौदों में कथित रिश्वत अदा की गयी.