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दक्षिण भारत में तूफान से तबाही, 35 मरे

जबर्दस्त चक्रवाती तूफान ‘ठाणे’ के शुक्रवार को तमिलनाडु तट पहुंचने पर यहां भारी वर्षा होने के साथ ही 140 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चली जिससे कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई और भारी तबाही हुई. तूफान से कुड्डलोर एवं संघ शासित प्रदेश पुडुचेरी में चक्रवाती तूफान से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया.

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'ठाने' तूफान
'ठाने' तूफान

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जबर्दस्त चक्रवाती तूफान ‘ठाणे’ के शुक्रवार को तमिलनाडु तट पहुंचने पर यहां भारी वर्षा होने के साथ ही 140 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चली जिससे कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई और भारी तबाही हुई. तूफान से कुड्डलोर एवं संघ शासित प्रदेश पुडुचेरी में चक्रवाती तूफान से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया.

हालांकि चक्रवात ‘ठाणे’ दक्षिणी आंध्रप्रद्रेश तट से बिना कोई नुकसान पहुंचाये ही गुजर गया. पिछले दो दिनों से इस चक्रवात के कारण लोग डर के साये में जी रहे थे. इस तूफान के चलते दोनों राज्य हाई अलर्ट पर थे.

अधिकारियों ने बताया कि चेन्नई से करीब 170 किलोमीटर दूर कुड्डलोर में तूफान ने काफी तबाही मचाई. तूफान के कारण यहां 21 लोगों की मौत हो गयी, पुडुचेरी में सात, विल्लुपुरम और तिरुवल्लूर में क्रमश: 2-2 व्यक्तियों और चेन्नई में एक व्यक्ति की मौत हो गई. मौतें अधिकतर वष्राजनित घटनाओं में हुई. इसके अलावा घरों के ढहने एवं बिजली का करंट लगने की भी घटनाएं सामने आई हैं.

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सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है पुडुचेरी और कड्डलूर जहां सबसे ज्यादा मौते हुई हैं. कुल मिलाकर पुडुचेरी, कड्डलूर, नागापट्टनम, कोवलन, चेन्नई, महाबलीपुरम में इसके असर से प्रभावित हुए हैं. राहत और बचाव कार्य हर इलाके में जारी है और सरकार की ओर करोड़ों रुपए की राहत राशि का एलान किया गया है.

दक्षिण भारत में कोहराम मचाने वाला तूफान ठाने, बंगाल की खाड़ी से शुरु होकर ज्यों ज्यों नीचे आया वो भारत की तटिये इलाकों के करीब आता गया. इस तूफान  ने तट को छुआ आंध्र प्रदेश के नेल्लूर  में. फिर उसी सीध में आगे बढ़ता गया.

नेल्लूर के बाद तूफान तिरुवल्लूर पहुंचा फिर चेन्नई होता हुआ पुडुचेरी पहुंचा, पुडुचेरी में तबाही मचाता हुआ ठाने तूफान सुबह 6.30 बजे कड्डलूर पहुंचा. कड्डलूर और पुडुचेरी में ही इस तूफान ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है. कड्डलूर से ये तूफान कमजोर पड़ने लगा है और अब ये वापस समुद्र की तरफ जा रहा है.

चेन्नई के करीब पुडुचेरी ने चक्रवातीय तूफान ठाणे के कहर को सबसे ज्यादा झेल रहा है. पिछले कई घंटों की भारी बारिश औऱ 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं ने यहां बर्बादी की पूरी मिसाल पेश कर दी है. बिजली-पानी और संचार व्यवस्था सबकुछ ठाणे से प्रभावित हुआ है.

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तमिलनाडु में कड्डलूर का ही वो इलाका था जहां तूफान ठाणे ने जमकर अपनी मनमानी की. सबसे ज्यादा मौत भी यही हुई है. कड्डलूर के अलावा महाबलीपुरम और कोवलम में भी ठाणे का कोहराम कहर बरपा कर गया. ये सारे इलाके ऐसे हैं जहां साल के आखिर में पयर्टकों की भरमार होती है लेकिन अब हर कोई कमरे में बंद रहने पर मजबूर हो चुका है.

चक्रवातीय तूफान ठाणे से तमिनलाडु की राजधानी चेन्नई भी अछूता नहीं रहा. चेन्नई के अलावा नागापट्टनम में भी ठाणे ने अपना असर दिखाया है. साथ ही पुडुचेरी से चेन्नई जाना वाला मुख्य मार्ग भी चक्रावातीय तूफान की चपेट में आकर बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.

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