पूर्व वित्त मंत्री जसवंत सिंह ने राजकोषीय घाटे के मुद्दे से जूझ रहे प्रणव मुखर्जी को कटाक्ष के लहजे में सलाह दी कि वे नींद की गोली खाने की बात नहीं करें.
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री के जवाब से पहले अपनी संक्षिप्त टिप्पणी में भाजपा के वरिष्ठ नेता, वित्त मंत्री की उस टिप्पणी का जिक्र कर रहे थे, जिसमें प्रणव ने कहा था कि उन्हें राजकोषीय घाटे के कारण नींद नहीं आती है.
जसवंत ने कहा, ‘मैंने समाचार पत्र में पढ़ा कि राजकोषीय घाटे के कारण आपको रातों को नींद नहीं आती है. मुझे बुरा लगा...गलती से भी आप नींद की गोली खाना शुरू नहीं करें. राजोषीय घाटा होता रहा है...आप हमारी बात नहीं सुनते, हमारे उपचार को नहीं आजमाते...आप मेरे मित्र शत्रुघ्न सिन्हा से पूछ सकते हैं.’ उन्होंने प्रणव मुखर्जी की सफलता की कामना की.
जसवंत सिंह ने प्रधानमंत्री से कहा कि विपक्षी दल उनके राजनीतिक प्रतिद्वन्द्वी हैं, दुश्मन नहीं है. उन्होंने कहा, ‘आपके दुश्मन, राजनीतिक या दूसरे...आपके पीछे या अगल-बगल हैं.’