निर्वाचन आयोग ने संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति पद के विपक्ष समर्थित उम्मीदवार पी ए संगमा की संप्रग के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी के नामांकन के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि इस पर विचार नहीं किया जा सकता.
संगमा खेमे ने राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचन अधिकारी द्वारा मुखर्जी के नामांकन पत्र पर संगमा की आपत्ति के बावजूद उन्हें स्वीकार करने के फैसले के खिलाफ चुनाव आयोग में याचिका दाखिल की थी. संगमा का आरोप है कि मुखर्जी नामांकन के समय लाभ के पद पर थे. मुखर्जी और कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज कर दिया था.
चुनाव आयोग ने सुब्रमण्यम स्वामी, सत्यपाल जैन और भर्तहरि महताब द्वारा नौ जुलाई को संयुक्त रूप से दाखिल शिकायत के जवाब में कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के संबंध में सभी संदेहों और विवादों पर फैसला उच्चतम न्यायालय करेगा.
चुनाव आयोग के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्यपाल जैन ने कहा कि आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला जल्दी किया जाएगा.
उन्होंने कहा, ‘चुनाव आयोग ने गुण.दोषों के आधार पर हमारी याचिका खारिज नहीं की है. उन्होंने न्यायक्षेत्र के आधार पर फैसला किया है.
पीए संगमा की कानूनी सलाहकार टीम बुधवार को उनके आवास पर बातचीत करेगी और संगमा की चुनाव प्रचार समिति परसों चर्चा करेगी, जिसके बाद हम आगे की कार्रवाई पर अंतिम फैसला करेंगे.’