केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि अगर अगले दो महीने बारिश नहीं हुई तो देश के सामने गंभीर हालात हो सकते हैं.
उन्होंने कहा, 'सबकुछ अगस्त व सितंबर महीने में बारिश के लौटने पर निर्भर करता है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो हालात गंभीर होंगे. देश में खेती बाड़ी के लिहाज से मानसून की बारिश बहुत महत्वपूर्ण है. इस साल बारिश अच्छी नहीं हुई है.
भारत में कृषि उत्पादन के लिए मानसून (जून-सितंबर) की बारिश का बड़ा महत्व है क्यों कि 60 प्रतिशत कृषि क्षेत्र असिंचित है. कल घरेलू उत्पादन में कृषि का योगदान केवल 15 प्रतिशत रह गया है पर अब भी 60 प्रतिशत आबादी की रोजी रोटी इसी पर निर्भर है.
गुजरात, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी राजस्थान अल्पवृष्टि से सबसे अधिक प्रभावित है. सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में वर्षा सामान्य से 75 प्रतिशत कम है. कुल मिला कर देश भर में अनुमान से 22 प्रतिशत कम वर्षा है. केंद्रीय जल आयोग 84 बड़े जलाशयों में जलस्तर पर बराबर निगाह रखे हुए है.