शुक्रवार को प्रिंस विलियम और केट मिडलटन की शाही शादी में शामिल होने वाले करीब दो हजार लोगों की सूची में हिंदू, मुस्लिम, जैन और सिख धर्मों के प्रमुख नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है.
हालांकि इस सूची में आमंत्रित लोगों के नाम और नहीं बुलाये गये कुछ प्रमुख लोगों के नाम को लेकर विवाद सामने आया है.
बड़े स्तर की इस शादी में हिंदू काउंसिल यूके के संस्थापक सदस्य अनिल भनोट, जैन एकेडेमी के अध्यक्ष नातूभाई शाह और नेटवर्क सिख आर्गेनाइजेशन के निदेशक इंद्रजीत सिंह को आमंत्रित किया गया है.
शादी में शामिल होने के लिए इमाम मोहम्मद रजा, लंदन बौद्ध विहार के कार्यवाहक प्रमुख मठाधीश बागोदा सीलाविमाला और मुहम्मदी ट्रस्ट के मौलाना सैयद रजा शब्बरम को भी बुलावा भेजा गया है.
पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर तथा गार्डन ब्राउन को शाही शादी में आमंत्रित नहीं किया गया है, वहीं मारग्रेट थैचर और जॉन मेजर अतिथियों की सूची में प्रमुख हैं. लेबर पार्टी के नेता एड मिलीबैंड को भी आमंत्रित किया गया है.
जॉन मेजर को 1997 में लेडी डायना की मौत के बाद प्रिंस विलियम तथा प्रिंस हैरी की कानूनी तथा प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के लिए उनका संरक्षक नियुक्त किया गया था.