हाल ही में पकड़े आतंकी अबू जिंदाल और आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान ने भारत को एकदम गोलमोल जवाब दिया है.
भारत-पाकिस्तान विदेश सचिव स्तर की वार्ता के दूसरे दिन संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आजतक चैनल की ओर से रितुल जोशी ने सवाल किया कि अबू जिंदाल और उसके खुलासों पर पाकिस्तान क्या कार्रवाई कर रहा है? मुंबई हमलों के चार साल हो गए हैं, लेकिन अब तक पाकिस्तान की ओर से कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
इस पर पाकिस्तान के विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी ने कहा कि अबू जिंदाल के मामले की जांच भारत के साथ साझा तौर पर की जाएगी. पाकिस्तान के विदेश सचिव ने कहा कि दहशतगर्दी भारत और पाकिस्तान का साझा शत्रु है, जिससे दोनों ही परेशान हैं. उन्होंने कहा कि अगर हम एक-दूसरे पर ऐसे ही इल्जाम लगाते रहेंगे, तो किसी निष्कर्ष या समाधान तक नहीं पहुंच पाएंगे.
जलील अब्बास जिलानी ने कहा कि भारत को अबू जिंदाल से जुड़े सबूतों को पाकिस्तान से साझा करना चाहिए. इतना ही नहीं, उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया कि 26/11 के हमलों में पाकिस्तान की कोई भूमिका थी.
जिलानी ने कहा, 'मैं, मेरी सरकार तथा मेरे लोग इसे लेकर बहुत गम्भीर हैं. आतंकवाद गम्भीर मुद्दा है. हमें इसका समाधान गम्भीरता और ईमानदार कोशिश से करने की जरूरत है.'
उन्होंने कहा, 'हम इस मुद्दे की जांच करेंगे. यहां तक कि हम इस मुद्दे की संयुक्त जांच के भी इच्छुक हैं.'
जिलानी का बयान मथाई के इस बयान के बाद आया कि जिंदाल पर सबूतों को पाकिस्तान के साथ साझा किया गया.
दूसरी ओर, भारत के विदेश सचिव रंजन मथाई ने कहा कि पाकिस्तान के सामने आतंकवाद का मुद्दा उठाया गया है. उन्होंने कहा कि अबू जिंदाल मामले को भी तार्किक परिणति तक पहुंचाया जाएगा.